कासगंज। नगर में भीषण अग्निकांड के बाद शुरू की गई हाइड्रेंट प्वाइंट की जांच में लगभग सभी खराब मिले हैं। एफएसओ ने जांच के बाद जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।
विगत दिनों शहर की एक कंफैक्शनरी की दुकान में भीषण आग लग गई थी। अग्निकांड से तकरीबन पौने दो करोड़ रुपये का नुकसान का आकलन किया गया था। उस समय फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को पानी की किल्लत हुई थी। ऐसे में डीएम ने एफएसओ को नगर निकायों में स्थित हाइड्रेंट प्वाइंटों की जांच के आदेश दिए थे। जांच में एफएसओ ने पाया कि जिले के सभी निकायों में 22 हाइड्रेंट प्वाइंट हैं। इनमें से सहावर, सोरों और कासगंज पालिका में प्वाइंट पानी तो दे रहे हैं, लेकिन प्वाइंट तक दमकल वाहन नहीं पहुंच सकते हैं। वहीं 19 प्वाइंट पूरी तरह जमीदोज हो चुके हैं। इसकी रिपोर्ट एफएसओ महेश चंद्र ने डीएम सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले और अग्निशमन विभाग के उच्चाधिकारियों को दी है। इसके साथ ही उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजा है।
सरकारी महकमों और निजी भवनों में भी नहीं इंतजाम
जिले के कई सरकारी महकमों में अग्निशमन यंत्र तक नहीं हैं। किसी भी खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर यंत्र नहीं हैं। इसके अलावा कई निजी अस्पतालों और होटल लॉज में भी आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है।
यह होने चाहिए इंतजाम
- संस्थानों में फायर अलार्म होना चाहिए।
- गलियारों में सेंसर स्प्रिंकलर होना चाहिए।
- सभी फ्लोर पर अग्निशमन यंत्र होने चाहिए।
- भवनों में आपातकालीन द्वार होना चाहिए।
- बहुमंजिला भवनों में हॉज पाइप सभी फ्लोर पर होना चाहिए।
एक नजर-
- 2 अग्निशमन केंद्र हैं जिले में।
- 4 दमकल वाहन हैं जिले में।
सौंप दी है रिपोर्ट
- जांच पूरी कर ली गई है। कोई भी हाइड्रेंट प्वाइंट सही नहीं किया गया है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी है। बहुमंजिला इमारतों में भी जांच की जा रही है।
- महेश चंद्र, एफएसओ।