एटा। जिला अस्पताल में डाक्टरों की लेट लतीफी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हालात ये है कि जल्दी दिखाने के चक्कर में मरीज सुबह से ही ओपीडी के सामने लंबी लाइनें लगाकर खड़े हो जाते हैं लेकिन आदत से मजबूर डाक्टर घंटों की देरी से पहुंचते हैं। शुक्रवार को बाल रोग विशेषज्ञ दो घंटे तक नहीं पहुंचे तो तीमारदारों को गुस्सा फूट पड़ा और हंगामा खड़ा कर दिया।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के सामने मररीजोें की लंबी कतार लग गई लेकिन तय समय से दो घंटे तक डाक्टर नहीं आए तो बच्चों के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाजी करते हुए सीएमएस के चैंबर में घुस गए। डाक्टर के नहीं आने की वजह पूछी गई और नारेबाजी की जाती रही। किसी तरह से सीएमएस ने तीमारदारों को समझाया। करीब 10:19 बजे डा. अनंत व्यास पहुंच ग। लोगों ने इन्हें भी खरीखोटी सुनाईं। इसके बाद डाक्टर ने बच्चों को देखा। लोगों ने कहा कि डाक्टरों की लेटलतीफी का आना हर रोज का हो गया है, इसकी वजह से जिला अस्पताल में आए दिन हंगामा खड़ा हो जाता है।
डाक्टरों को समय पर आने के लिए कई बार मौखिक और लिखित में कहा जा चुका है, इसके बावजूद भी चिकित्सकों की ओर से सुधार नहीं किया जा रहा है। बच्चों की बीमारी संवेदनशील होती है इनको अन्य किसी चिकित्सक से दवाएं नहीं लिखाई जा सकती, ऐसे में बाल रोग विशेषज्ञ का होना जरूरी है। डा. अनंत व्यास लेट आए थे इनको कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
डा. राजेश कुमार अग्रवाल, सीएमएस