एटा। केंद्र सरकार की पीएम डिजिटल ग्राम योजना में इंटरनेट रोड़ा बन गया है। योजना के तहत गांव को डिजिटल बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। जलेसर के गांव नगला सुखदेव में बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने से गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का आनलाइन लाभ दिलाने की कवायद फेल हो गई है।
दरअसल, गांवों को डिजिटल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जिले के गांव नगला सुखदेव को चयनित किया था। गांव में कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए करीब 206 आनलाइन सेवाओं का लाभ दिया जाना था। जिनमें बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य व कौशल विकास समेत तमाम अन्य सेवाएं शामिल थी। कॉमन सर्विस सेंटर संचालित करने वाली टीम को गांव को डिजिटल बनाने के लिए सरकार से निर्देश दिए गए, लेकिन गांव में इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली नहीं होने से अब तक काम अटका हुआ है। सीएससी संचालक ने भी कई बार बीएसएनएल और अन्य इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से गांव में इंटरनेट सेवा सुचारु करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है।
ये दी जानी है डिजिटल गांव में सेवाएं
डिजिटल गांव में टेली मेडिसन सेवा के जरिए गांव के बीमार लोगों को अपोलो के डॉक्टरों की मुफ्त सलाह मिलेगी। इसके साथ ही फाइनेंस सेवा में बैंक खाते से धन निकासी की सुविधा, शिक्षा सेवा में ट्रिपल सी कंप्यूटर कोर्स एवं बेसिक कंप्यूटर कोर्स यानि बीसीसी प्रशिक्षण, कौशल विकास के लिए ट्रेनिंग की सुविधा, ड्राइविंग, कंप्यूटर हार्डवेयर, मोबाइल रिपेयरिंग के कोर्स और कंपटीशन की तैयारी की सुविधा दी जानी है।
वाई-फाई चौपालों से मिलेंगे डाटा कूपन
वाई-फाई चौपालें हर एक ग्राम पंचायत शुरू होनी हैं। जिले में इन पर काम चल रहा है। डिजिटल गांव में इसे पहले शुरू किया जाएगा। वाई-फाई सेवा के जरिए ग्रामीणों को इंटरनेट सेवा तो मिलेगी ही, साथ ही सीएससी संचालक डाटा कूपन भी देंगे। यह कूपन पांच रुपये से लेकर 300 रुपये तक के होंगे। कूपनों से दो एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी।
गांव में लगेंगी सोलर स्ट्रीट लाइटें
डिजिटल गांव में सीएससी एजेंसी को सोलर स्ट्रीट लाइटें भी लगवानी हैं। इससे मार्ग प्रकाश की सुविधा ग्रामीणों को मिल सके। उजाला योजना के तहत सीएससी गांव में एलईडी बल्ब की यूनिट लगाएगी। जिससे गांव के लोगों को रोजगार मुहैया हो सके।
गांव के विकास के लिए डिजिटल ग्राम योजना में नगला सुखदेव को चयनित किया गया है। गांव में इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत है। इसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल गांव में सीएससी पर ग्रामीणों को कुल 206 सेवाएं मिलेंगी। जिनमें कई निशुल्क प्रदान की जाएंगी।
निखिल माहेश्वरी, जिला समन्वयक, सीएससीअ