सर्दी अधिक होने पर ठंड में अधिक गर्म कपड़े पहन कर नजर आई लोग
आगरा। नए साल के स्वागत के बीच शहर की हवा और ज्यादा जहरीली होने की आशंका है। पहले से ही खराब वायु गुणवत्ता के बीच नए साल पर पटाखे फोड़ना हालात को और गंभीर बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखों से निकलने वाले हानिकारक प्रदूषक तत्व (हार्मफुल पॉल्यूटेंट्स) शहर की हवा में मिलकर उसे और घातक बना देंगे।
बुधवार को भी शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही। मंगलवार से ज्यादा वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। विभिन्न क्षेत्रों के एक्यूआई आंकड़े मंगलवार के अनुरूप ज्यादा दर्ज किए गए। स्मार्ट सिटी के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को धूलियागंज सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जहां एक्यूआई 475 दर्ज किया गया।
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों में अलग तस्वीर सामने आई है। इसके अनुसार संजय प्लेस शहर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा, जहां एक्यूआई 185 दर्ज किया गया। इसके बाद आवास विकास कॉलोनी में एक्यूआई 178 रिकॉर्ड किया गया। दोनों के आंकड़ों में अंतर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में हवा की गति कम होने और कोहरे की स्थिति में प्रदूषक तत्व लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं। ऐसे में नए साल की रात पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में घुलकर प्रदूषण को और बढ़ा देगा।
इसका सीधा असर दमा, सांस और हृदय रोग से पीड़ित लोगों पर पड़ेगा। पहले से ही खांसी, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायतें बढ़ रही हैं। यदि प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बुधवार के आंकड़े
स्टेशन एक्यूआई
रोहता- 105
शास्त्रीपुरम- 161
मनोहरपुर- 164
शाहजहां पार्क- 152
(आंकड़े सीपीसीबी के हैं)
बाग फरजाना- 412
कलाकृति- 416
राजपुर चुंगी- 316
संजय टॉकीज 380
छीपीटोला 330
सदर भट्टी 339
ईदगाह चौराहा 328
श्मशान घाट 344
(आंकड़े स्मार्ट सिटी के हैं)