अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया विधेयक के समर्थन में प्रदर्शन
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया। रोक के बाद भी संगठन के कार्यकर्ता शहीद स्मारक, संजय प्लेस में एकत्रित हुए। पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यह कानून धार्मिक पहचान के आधार पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों की पीड़ाओं को समाप्त करेगा। भारत में शरणार्थी की सहायता की एक लंबी परंपरा रही है, जिसे इस सरकार ने आगे बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने विरोध की आड़ में देशभर के शिक्षण संस्थानों में अराजकता और हिंसक आंदोलन खड़ा किए जाने के प्रयास की निंदा की। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के आसपास आगजनी की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक राहुल चौधरी ने कहा कि छात्रों के साथ मारपीट किया जाना गलत है। छात्रों से किसी बहकावे में नहीं आने की अपील की।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज नीखरा, प्रांत संगठन मंत्री जयकरन, महानगर अध्यक्ष डॉ. राजेश लवानियां, अनंत चौधरी, ललित शर्मा, चंद्रजीत यादव, नितिन माहेश्वरी, पार्थ जादौन, कुनाल दिवाकर, शिवम जैन, गोविंद दुबे, संदीप शर्मा, अरुण तोमर, शिवम जैन, राहुल जोशी, गुंजन शर्मा, आस्था शर्मा, सोनिया कर्दम आदि की उपस्थिति रही।
नारे लगाने पर दौड़ लगाई
एबीवीपी के कार्यकर्ता प्रदर्शन के बाहर शहीद स्मारक से बाहर जा रहे थे, तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने बाहर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। पुलिस को लगा कि विरोध प्रदर्शन में नारे लगाए जा रहे हैं, स्मारक में मौजूद पुलिसकर्मी बाहर की ओर दौड़े। स्थिति सामान्य देख राहत की सांस ली।
पुलिस ने दर्ज किए तीन केस
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और पक्ष में प्रदर्शन के कारण धारा 144 का उल्लंघन होने पर तीन केस दर्ज किए गए हैं। दो हरीपर्वत थाने में दर्ज हुए हैं। इनमें से एक सपा छात्र सभा के विवि के बाहर प्रदर्शन का है। दूसरा शहीद स्मारक पर एबीवीपी के प्रदर्शन का। तीसरा केस लोहामंडी में दर्ज हुआ है। कुछ युवक विरोध में जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और मुचलके पर छोड़ दिया।