जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा और भाजपा ने ताल ठोंक दी है। दोनों दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन कर बहुमत हासिल करने का दावा किया है। बसपा ने चुनाव से किनारा किया है। एक अन्य दावेदार पर्चा लेने के बाद भी दाखिल करने नहीं पहुंचा, इसकी वजह से अब सपा और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होगी। हालांकि दोनों ही दल बहुमत हासिल करने का दावा कर रहे हैं।
तय कार्यक्रम के मुताबिक, जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भाजपा प्रत्याशी राकेश चौधरी अपने पिता सांसद चौधरी बाबूलाल दोपहर लगभग 12 बजे नामांकन करने पहुंचे। उनके साथ प्रदेश मंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, पूर्व सांसद प्रभुदयाल कठेरिया और महेश बघेल भी थे। बाकी दर्जनों समर्थकों को कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक दिया गया। राकेश चौधरी ने रिटर्निंग ऑफीसर/डीएम पंकज कुमार व असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफीसर/सीडीओ दीपक मीणा के समक्ष नामांकन के दो सेट दाखिल किए। उनके प्रस्तावक मेघराज सोलंकी व अनुमोदक हरिओम सिंह रघुवंशी थे। दोपहर लगभग एक बजे सपा प्रत्याशी कुशल यादव खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामसकल गुर्जर सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन करने पहुंची। उन्होंने भी नामांकन के दो सेट दाखिल किए। पहले सेट में उनके अनुमोदक चौधरी यशपाल व प्रस्तावक रश्मि यादव तथा दूसरे सेट के अनुमोदक मनोज लम्बरदार व प्रस्तावक सकला देवी थीं। नामांकन का समय अपराह्न तीन बजे तक निर्धारित किया गया था। मगर, इन दोनों प्रत्याशियों के अलावा किसी अन्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी नहीं की। हालांकि वार्ड 12 के सदस्य महेश ने नामांकन के लिए पर्चा खरीदा जरूर था रिटर्निंग ऑफीसर ने नामांकन पत्रों की जांच के बाद दोनों प्रत्याशियों की सूची चस्पा करवा दिया। इस बीच सपा प्रत्याशी के समर्थक कलेक्ट्रेट में ही जमे रहे। जबकि भाजपाई नामांकन के बाद रवाना हो गए थे। चार दिसंबर तक प्रत्याशी नाम वापसी या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। सात दिसंबर को चुनाव होना है। तभी दोनों को बहुमत साबित करना होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दो नामांकन हुए हैं। दोनों ने दो-दो सेट दाखिल किए हैं। किसी के नामांकन पत्र में कोई गड़बड़ी नहीं है।
दीपक मीणा, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफीसर/सीडीओ
जिला पंचायत अध्यक्ष का एकतरफा चुनाव है। हमारे पास 35 से अधिक सदस्यों का समर्थन है। सात तारीख को इसे हम साबित कर देंगे।
- रामसकल गुर्जर, सपा चुनाव संयोजक/खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
हमारे पास पूरा बहुमत है। प्रशासन इस चुनाव में निष्पक्ष रूप से भूमिका निभाए। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा।
- रामप्रताप सिंह चौहान, भाजपा चुनाव संयोजक
सत्ता के सुरूर में सपाई, लाचार दिखे भाजपाई
आगरा। जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन के दौरान सत्ता की हनक साफ दिखाई दी। भाजपा प्रत्याशी के साथ जहां सिर्फ पांच लोगों को ही कलेक्ट्रेट में प्रवेश मिला, वहीं सपा के दर्जनों नेता न सिर्फ कलेक्ट्रेट में जमे रहे, बल्कि रिटर्निंग ऑफीसर के कक्ष तक बेधड़क पहुंच गए।
नामांकन के लिए भाजपाई शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे सुभाष पार्क पर एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इधर, समर्थकों की भीड़ देखते हुए कलेक्ट्रेट को पहले ही छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मुख्य गेट को बंद कर यहां पीएसी तैनात कर दी गई। भाजपाई जैसे ही वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। प्रत्याशी के साथ सिर्फ पांच लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। जबकि सपाई ताजगंज स्थित जिला कार्यालय से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। कार्यकर्ता को तो मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया, लेकिन अधिकांश नेता कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर गए। पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामसकल गुर्जर, मेयर इंद्रजीत सिंह आर्य सहित पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन, पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह, शिवकुमार राठौर, विधायक छोटे लाल वर्मा, जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव, शहर अध्यक्ष रईसउद्दीन कुरैशी, पूर्व विधायक डा. राजेंद्र सिंह, राजपाल यादव, हरेंद्र यादव, दिलीप सिंह सहित दर्जनों की संख्या में समर्थक कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर गए।
इनसेट
मंत्री को रिटर्निंग कक्ष
से बाहर आना पड़ा
नामांकन के दौरान कुशल देवी के साथ मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह, शिवकुमार राठौर सहित सपा के कई नेता रिटर्निंग आफीसर के कक्ष तक पहुंच गए थे। मगर, जब वहां सिर्फ पांच लोगों को ही आने की अनुमति के बारे में बताया गया तो कुछ देर बाद सभी को बाहर आना पड़ा।
भाजपाइयों के जुलूस में ये रहे शामिल
विधायक योगेंद्र उपाध्याय, ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल, प्रशांत पौनिया, प्रदीप भाटी, श्याम भदौरिया, अरुण पाराशर, शिवशंकर शर्मा, विजय दत्त पालीवाल, प्रमोद गुप्ता, सोनू चौधरी, ओमप्रकाश चलनी वाले, मोहन सिंह चाहर आदि मौजूद थे।
...जब राजपाल ने मांगा
बाबूलाल से आशीर्वाद
नामांकन के बाद सपाई अधिवक्ताओं के चेंबर के बाहर बैठे थे। अधिवक्ता कुंवर शैलराज सिंह के चेंबर के बाहर भाजपाई बैठे थे। इसी बीच सपा प्रत्याशी कुशल यादव के पति राजपाल यादव भाजपा प्रत्याशी राकेश चौधरी के पिता सांसद चौधरी बाबूलाल के पैर छूने पहुंच गए। ये देखकर भाजपाइयों के साथ-साथ सपाई भी चौंक गए। मगर, पुत्रमोह में वे राजपाल को ‘जीत’ का आशीर्वाद नहीं दे पाए।
समर्थकों में टकराव टला
सपा और भाजपा के प्रत्याशी लगभग एक ही समय पर नामांकन करने पहुंचे थे। ऐसे में कलेक्ट्रेट के गेट पर दोनों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इसी बीच दो कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो गई। इसी पर दोनों पार्टियों के समर्थकों में टकराव की स्थिति बन गई। कलेक्ट्रेट परिसर में बैठे सपा-भाजपा के नेताओं को जैसे ही इसकी जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समर्थकों को समझाबुझा कर मामला शांत कराया।
घटाें जाम रहा एमजी रोड
नामांकन से पहले सपा और भाजपा के जुलूस की वजह से एमजी रोड पर जाम लग गया। पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे से भाजपा के जुलूस की वजह से सुभाष पार्क की ओर से जाम लगना शुरू हुआ। यहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। जब तक इस तरफ का जाम खुल पाता, इसी बीच रावली की तरफ से सपाइयों का काफिला वहां पहुंच गया। इसकी वजह से कलेक्ट्रेेट के सामने एमजी रोड पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। सदरभट्टी की तरफ भी सपाइयों ने काफी संख्या में अपने वाहन खड़े कर दिए थे। इसकी वजह से वहां से निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर दो बजे के बाद जब समर्थक चले गए, तब कहीं जाकर जाम खुल पाया।