ग्राम पंचायत चुनाव के तहत आज आखिरी चरण का मतदान है। 13 दिसंबर को मतगणना के बाद तमाम प्रत्याशी ऐसे भी होंगे जिन्हें जीत तो मिलेगी लेकिन प्रधान की कुर्सी के लिए इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, जिले में तमाम ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए लोगों ने नामांकन तक नहीं किया। अब प्रशासन को यहां दोबारा चुनाव कराना पड़ेगा।
आगरा जिले में 695 ग्राम पंचायत हैं। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य की करीब 9253 सीटें हैं। चारों चरणों में प्रधान पद के लिए नामांकन करने वालों की जबरदस्त भीड़ रही लेकिन तमाम ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं जहां सदस्य पद के लिए नामांकन नहीं हुआ। इसका परिणाम यह हुआ कि ग्राम पंचायत के करीब 1515 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया दोबारा अपनानी होगी। निर्वाचन कार्यालय ग्रामवार सूची बना रहा है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 40-50 ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा नहीं हो पा रहा है। दोबारा चुनाव कितना समय लगेगा इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। जब तक ग्रामसभा का कोरम पूरा नहीं होगा तब तक नवनिर्वाचित प्रधानों को भी उनके पूर्ण अधिकार प्राप्त नहीं होंगे।
-------
- ग्राम पंचायत के गठन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों का दो तिहाई बहुमत जरूरी
- सदस्यों के दो तिहाई बहुमत के बिना नहीं हो सकता ग्रामसभा का प्रस्ताव पास
- बहुमत न होने की स्थिति में ग्राम प्रधान को नहीं दिलाई जा सकेगी शपथ
- ग्राम पंचायत प्रशासनिक समितियों में होती सदस्यों की अहम भूमिका
-------
कहां हैं कितने रिक्त पद
चरण रिक्त पद
प्रथम चरण 520
द्वितीय चरण 224
तृतीय चरण 546
चतुर्थ चरण 265
-----
ऐसे कई गांव हैं जहां ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा नहीं है। ब्लाकवार आंकड़े निकाल लिए गए हैं। ग्राम पंचायतों को सूची बनाई जा रही है। जिन गांवों में कोरम पूरा नहीं है, वहां जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे।
- हरनाम सिंह, एडीएम प्रशासन