जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनाव में धनबल और बाहुबल का प्रयोग होता है। जो पावरफुल है वह सीट पर कब्जा कर लेता है। इसे रोकना है तो मेयर की तरह जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख का चुनाव भी सीधे जनता के माध्यम से होना चाहिए। यह कहना है कि प्रदेश सरकार के श्रम राज्यमंत्री जगदेव यादव का। उन्होंने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी न हो इसके लिए मतदान ईवीएम से कराया जाना चाहिए। वे बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
जिला पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज मंत्री और विधायकों के रिश्तेदारों की हार के संबंध में उनका कहना था कि यह चुनाव स्थानीय होता है। इसमें पार्टी नहीं चलती है और सपा ने तो किसी को अपने सिंबल पर चुनाव लड़ाया ही नहीं था। तो इसमें सपा की हार कहां से हो गई। हार तो भाजपा की हुई कि जहां प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव में भाजपा का प्रत्याशी हार गया। श्रम विभाग की योजनाओं के संबंध में उन्होंने बताया कि सरकार ने करीब 40 प्रकार के मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। मजदूरों का पंजीकरण कराया जा रहा है। ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उनके कार्य स्थल पर पहुंच कर उनका पंजीकरण करें। मजदूरों को उनके कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि करीब 63 हजार साइकिल तो वे ही बांट चुके हैं। इस अवसर जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, जयपाल सिंह यादव, मजदूर सभा के अध्यक्ष शाहिद खान आदि मौजूद रहे।