जिला पंचायत के वार्ड नंबर दस का चुनाव अजब तमाशा बन कर रह गया है। बार-बार बदलते नतीजों की वजह से इस चुनाव ने सबसे अधिक सुर्खियां भी बटोरीं। रविवार सुबह से मंगलवार शाम तक कई बार हालातों में तब्दीली आती रही।
रविवार रात नहीं आया नतीजा
कलाल खेरिया स्थित अवंतीबाई कालेज में मतगणना सुबह करीब नौ बजे प्रारंभ हो पाई। सपा के दो दिग्गजों के बीच मुकाबला और सबसे अधिक खर्चीला चुनाव होने के कारण हर किसी नजर इस चुनाव पर थी। समर्थकों की जबरदस्त भीड़ जुटी रही। रविवार देर रात प्रत्याशी रेनू, राजवीर, सीमा, विश्नस्वरूप, दिनेश, मनोज आदि फाइट से बाहर हो गए और मुकाबला यदुवीर सिंह, कुशल यादव और गणेश के बीच तय हो गया लेकिन रविवार रात तक कोई फैसला नहीं हो सका।
सोमवार को बदले हालात
सोमवार सुबह करीब नौ बजे हालातों में जबरदस्त तब्दीली हुई। कुशल यादव के समर्थकों ने उनकी जीत हल्ला मचा दिया। मतगणना केंद्र पर पथराव और फायरिंग हो गई। मतगणना समाप्त होने पर गणेश 75 वोट से आगे थे। राजपाल ने पुनर्मतगणना प्रार्थना पत्र दिया। प्रशासन तोरा, बगदा और कुआ खेड़ा गांव के वोटों गणना पर सहमत हुआ तो गणेश न विरोध किया और बात नहीं बनी। पुनर्मतगणना का फैसला खारिज हो गया लेकिन शाम 6:30 बजे डीएम ने आखिरी राउंड की गणना कराने का आदेश सुना दिया। रात करीब 9:30 पुनर्मतणना समाप्त हुई तब भी गणेश यादव 45 वोट से आगे थे लेकिन देररात डीएम ने मंगलवार सुबह दस बजे पूरे वार्ड की पुनर्मतगणना का फरमान सुना दिया।
मंगलवार को बदल गया नतीजा
मंगलवार करीब 4:05 बजे तीसरी बार गणना चली और शाम करीब 4:30 बजे नजारा ही बदल गया। जो प्रत्याशी पहली गणना में 75 वोटों से जीत रहा था वह दो वोटों से हार गया। राजपाल यादव के समर्थक खुशी से झूम उठे और गणेश यादव अपना सब कुछ लुटा कर अकेले अपने घर को चले गए।
खारिज हुए वोटों ने डुबाई गणेश की नैया
आगरा। गणेश यादव की नैया बार-बार की मतगणना में खारिज हुए वोटों ने डुबो दी। बरौली अहीर ब्लाक के वार्ड दस में कुल मतदाता लगभग 26232 हैं। मुकाबला कांटे का था। जमकर प्रचार हुआ था। पैसा पानी की तरह बहाया गया। इसका परिणाम का यह हुआ कि जनता ने भी खुलकर वोट किया। लगभग 24549 मतदाताओं ने वोट डाले। मतगणना की बारी हुई तो पहले गणेश यादव करीब 75 वोट से आगे हो गए। रीकाउंटिंग में काफी वोट निरस्त हुए तो गणेश यादव 45 वोट से आगे हो गए। तीसरी बार गणना हुई तो गणेश यादव वोट निरस्त होने की वजह से दो वोट से हार गए। तीसरी बार की गणना में दोनों प्रत्याशियों का ध्यान वोट निरस्त कराने पर लगा रहा। तीनों बार की मतगणना में करीब 1683 वोट निरस्त हुए हैं।
पहली और तीसरी बार की मतगणना के बाद प्राप्त मतों की स्थिति
प्रत्याशी पहली मतगणना तीसरी मतगणना
कप्तान सिंह 2422 2464
कुशल यादव 6788 6782
गनेश यादव 6863 6780
दिनेश 58 57
प्रकाश बाबू 3504 3458
मनोज 37 37
यदुवीर सिंह 4123 4108
राजवीर सिंह 252 253
रेनू 335 336
विश्न स्वरूप 173 171
सीमा 105 103