राख बुधवार के साथ ही ईसाई समाज के 40 दिवसीय उपवास और परहेज की अवधि प्रारंभ हो गई। राख बुधवार के दिन आगरा में अजमेर रोड स्थित शहर के गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। इस दौरान मसीह समाज के लोग पूजा और प्रार्थना में अपना समय व्यतीत करते हैं।
बुधवार को सेंट पीटर्स, सेंट पॉल्स, सेंट मेरीज समेत सभी गिरजाघरों में सुबह और शाम को प्रार्थना सभाएं हुईं। फादर ने उपस्थित विश्वासियों के माथे पर राख मलकर जीवन की क्षणभंगुरता और पश्चाताप की याद दिलाई।
आगरा महाधर्मप्रांत के मीडिया प्रभारी फादर मून लाजरस ने बताया कि राख बुधवार से लैंट सीजन शुरू हो गया। इस दौरान मसीही समाज प्रभु ईसा मसीह के दुखभोग, क्रूस पर पीड़ादायी मृत्यु और तीसरे दिन पुन: जी उठने की घटनाओं का ध्यान करता है।
इन दिनों में समाज के लोग मांगलिक कार्य जैसे शादी विवाह आदि भी नहीं करते हैं। गिरजाघरों में वाद्य यंत्रों का प्रयोग नहीं होता है। पुरोहित पूजा समारोह में बैंगनी रंग के वस्त्र धारण करते हैं, जोकि शोक का प्रतीक समझा जाता है।