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Agra News: नकली सॉस से खाई चाऊमीन-पेटीज, पेट दर्द और उल्टी-दस्त

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एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों की जांच करती डॉक्टर शिखा गुप्ता। अमर उजाला
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आगरा। खाद्य विभाग की टीम ने नकली और मिलावटी सॉस, केचप, मेयोनीज, जैम बरामद कर नष्ट कराए हैं। इसका उपयोग लोग चाऊमीन, बर्गर, मोमोज, पेटीज समेत अन्य फास्ट फूड के खाने में कर रहे हैं। इनके खाने से बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं। हेपेटाइटिस ए, फूड पॉयजनिंग के मरीज भी बढ़ गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और बाल रोग विशेषज्ञों के पास ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि बारिश में बैक्टीरिया अधिक होते हैं। मिलावटी-नकली और गंदगी में बनने वाली सॉस-जैम समेत अन्य सामग्री का चाऊमीन, बर्गर, पेटीज समेत अन्य खाद्य सामग्री बच्चे अधिक पसंद करते हैं। गंदगी में बनने से बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे बच्चे ओपीडी में बढ़ रहे हैं। इनमें फूड पॉयजनिंग और हेपेटाइटिस ए के मरीज मिल रहे हैं। इनको पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की परेशानी मिल रही है। ओपीडी में रोजाना औसतन 150 बच्चे आते हैं, जिसमें से फूड पॉयजनिंग के 15-20 फीसदी मामले हैं। बाल रोग विभाग की डॉ. शिखा गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में उल्टी-दस्त, पेट में दर्द की परेशानी वाले बच्चों के परिजन से पूछताछ में पता चला कि कई ने बाहर खुले में फास्टफूड खाया, इसमें सॉस-जैम का भी उपयोग किया।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया ने बताया कि खुले और गंदगी में बनने वाली सामग्री और नकली सॉस के उपयोग से मर्ज और गंभीर हो रही है। दूषित खानपान से वायरल हेपेटाइटिस ए के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में दवा देने के साथ परिजन को बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।
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इन बातों का रखें ध्यान:
-गले और कटे हुए फल न खाएं। बासी भोजन न करें।
-खुले और गंदगी में बनने वाली सामग्री खाने से बचें।
-पानी साफ न हो तो उसे उबालने के बाद उपयोग करें
-विक्रेता अपनी स्टॉलों पर सफाई रखें, ढककर रखें।
-सॉस-जैम की बोतल की सफाई करें, हाथों को साफ रखें।
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