पेशे से शिक्षक, लेकिन मन रम गया थियेटर में और पकड़ ली मुंबई की राह। अभिनेता बनने की जिद, जुनून और लगन ने उन्हें अब वह मुकाम दिला दिया कि देश के करोड़ों घरों में वह ‘मामा’ के केरेक्टर से पहचान लिए जाते हैं। स्टार प्लस के चर्चित सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में मामा का किरदार अदा कर रहे संजय रायजादा शनिवार को आगरा आए। वह रविवार को अमर उजाला के रूपांतरण सदस्यों के नए साल के समारोह में सूरसदन में शामिल होंगे।
7 साल से 378 एपिसोड के जरिए ये रिश्ता क्या कहलाता है सीरियल से जुड़े संजय रायजादा ने खास मुलाकात में बताया कि 1978 से वह थियेटर से जुड़े हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डा. कमल वशिष्ठ के शिष्य संजय रायजादा अपने अभिनेता बनने के पीछे अपने मित्र अभय अशोक सरवटे को बताते हैं। ग्वालियर निवासी संजय के मुताबिक सबसे पहले उन्होंने राजदत्त के डीडी वन पर प्रसारित सीरियल वीर सावरकर में काम किया, लेकिन वह 26 एपिसोड बाद ही बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने सीआईडी, सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल, शपथ, अर्जुन, घर आजा परदेशी जैसे कई सीरियलों में अभिनय किया। साल 2009 में वह स्टार प्लस के ये रिश्ता... से जुड़े और तब से वह इसके सदस्य बन गए। मामा के किरदार ने उन्हें नई पहचान दी। हालांकि वह दक्षिण भारत की हिट फिल्म थलाइवा-द बॉस में भी सुपर स्टार विजय के साथ नजर आ चुके हैं।
संजय रायजादा ने युवाओं को सलाह दी कि जो भी करें, लगन और विश्वास के साथ करें। अपने शौक को ही अपना काम बनाएं तो सर्वश्रेष्ठ साबित होंगे। वह जल्द ही विजय तेंदुलकर के नाटक सखाराम बाइंडर में अभिनय करते नजर आएंगे। रूपहले पर्दे पर अगले महीने से वह कलर्स चैनल पर प्रसारित होने वाले सीरियल राधा श्याम की दीवानी में राधा के पिता वृषभान का किरदार अदा करते हुए दिखेंगे।
आईटी इंजीनियर बेटा बना मानसिंह
केवल संजय नहीं, बल्कि उनका आईटी इंजीनियर बेटा अंकित रायजादा भी छोटे पर्दे पर धमाल मचा रहा है। वह जोधा अकबर सीरियल में मानसिंह का किरदार कर चर्चित हआ तो अब जीटीवी के सीरियल ये वादा रहा... में करन का रोल निभा रहा है।
रूपांतरण सदस्यों से मिलेंगे ‘मामा’
सूरसदन में रविवार को होने वाले अमर उजाला रूपांतरण के नए साल के उत्सव में संजय रायजादा शामिल होंगे। वह सीरियल में मामा के किरदार में बेहद चर्चित हैं और महिलाओं के बीच लोकप्रिय हैं।