कासगंज। प्रशासन के दबाव के चलते चीनी मिल ने सॉफ्ट लोन के बकाये की चार किश्तों का भुगतान लगभग 2.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। इसके साथ ही मिल प्रबंधन ने किसानों को 1.5 करोड़ रुपये गन्ना बकाये का भुगतान किया है। न्यौली चीनी मिल ने गन्ना किसानों से 58.50 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था, लेकिन भुगतान की गति इतनी धीमी है कि अब तक मात्र 22 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो सका है। इसके अलावा पिछले साल बकाये भुगतान के लिए सॉफ्टलोन योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिल को ऋण उपलब्ध कराया गया था।
32 करोड़ रुपये के ऋण को किश्तों में जमा करना था, लेकिन पांच माह तक चीनी मिल ने किस्त जमा नहीं की। इस पर प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताई। डीएम सीपी सिंह ने मिल के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को विगत एक सितंबर को गन्ना कार्यालय में बैठा लिया। इस पर देर रात एक किस्त 63 लाख रुपये का भुगतान मिल द्वारा किया गया और सशर्त बंधपत्र भी अधिकारियों ने दिया। इस दौरान मिल प्रबंधन ने अन्य चार किस्तें दो महीने में जमा करने का भरोसा दिया था। हालांकि अब मिल प्रबंधन ने चारों किस्त एक बार में जमा कर दी हैं। वहीं किसानों के खातों में भी डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया है।