मैनपुरी। करीमगंज में बृहस्पतिवार को महिला की बुखार से मौत के बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम और सीएमओ ने इलाज के संबंध में जांच की। इसमें एक पैथोलॉजी के डेंगू की फर्जी जांच रिपोर्ट देने और एक चिकित्सक के गलत इलाज करने का मामला सामने आया है। एसडीएम ने पैथॉलॉजी सेंटर और क्लीनिक को सील कराने के साथ ही संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
उप जिलाधिकारी ऋषिराज ने डीएम के आदेश के बाद जांच की शुरुआत ग्रामीणों के बयान से की। बातचीत में पता चला कि गांव के लोगों ने खून की जांच सिद्धार्थ पैथोलॉजी से कराई है। साथ अधिकांश लोग गांव के ही रहने वाले डॉ. आशीष के देवी रोड स्थित क्लीनिक पर उपचार करवा रहे हैं। क्लीनिक पर जब उप जिलाधिकारी ने पहुंचकर जांच की तो यहां दस मरीजों में से आठ मरीज करीमगंज के मिले। इन सभी लोगों को ड्रिप लगाई गई थी। मरीजों ने बताया कि उन्हें डेंगू होने की पुष्टि की गई है।
जांच में ये भी सामने आया कि मरीजों को गलत उपचार दिया जा रहा है। इस पर क्लीनिक को सील कर दिया गया। इसके बाद खून की जांच करने वाली सिद्धार्थ पैथोलॉजी के संचालक से पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि पैथॉलॉजी बेनामी रिपोर्ट दे रही है वह भी फर्जी थी। चिकित्सक से मिलकर धन वसूली के लिए ये खेल चल रहा था। इसके चलते पैथॉलॉजी भी सील कर दी गई। इसके साथ ही चिकित्सक डॉ. आशीष शाक्य और सिद्धार्थ पैथॉलॉजी के संचालक पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
तीन मरीज निकले कोरोना पॉजिटिव
डॉ. आशीष के देवी रोड स्थित क्लीनिक पर उपचार करा रहे सभी मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। यहां सभी की कोरोना जांच की गई। जांच में करीमगंज के तीन मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं।