आगरा। आधार कार्ड धारकों की लापरवाही उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराने वाले बच्चों के आधार कार्ड निष्क्रिय (डी-एक्टिवेट) किए जा रहे हैं। जिले में महीनेभर में 100 से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें आधार प्रमाणीकरण बंद होने से अभिभावकों को दिक्कत हो रही है।
5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के लिए आधार बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार में फिंगरप्रिंट और आइरिस डाटा दर्ज नहीं किया जाता। इसलिए पांच वर्ष पूरे होने पर बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी होता है। निर्धारित समय तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर आधार का प्रमाणीकरण प्रभावित हो सकता है।
आधार सेवा केंद्रों पर प्रतिदिन ऐसे अभिभावक पहुंच रहे हैं, जिनके बच्चों का आधार विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति, बैंक खाते या अन्य कार्यों में मान्य नहीं हो रहा। अधिकारियों का कहना है कि कई परिवारों को इस नियम की जानकारी नहीं होने के कारण आधार अपडेट नहीं कराया जाता, जिससे बाद में परेशानी बढ़ जाती है। बच्चे को स्वयं आधार केंद्र पर उपस्थित होना पड़ता है, उनके फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन केवल केंद्र पर ही किए जाते हैं। यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है।
स्कूलों में प्रवेश पर पड़ रहा असर
समय पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने से आधार संख्या निष्क्रिय की जा सकती है। इसका सीधा असर स्कूलों में प्रवेश, प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के पंजीकरण, छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण( डीबीटी) और अन्य सरकारी सेवाओं के लाभ पर पड़ रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
- 5 वर्ष की आयु पर पहला और 15 वर्ष पर दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य है।
- बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा निशुल्क है।