फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिकित्सक की सलाह: सर्दी में बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं, निमोनिया से बचाएं, सेहत का रखें ख्याल

Tue, 14 Dec 2021 08:14 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे, इसलिए जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध जिसे कोलेस्ट्रम कहते हैं जरूर पिलाना चाहिए। 
विज्ञापन
बच्चे की जांच करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में सर्दी बढ़ गई है। इस मौसम में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। लोग इसे साधारण सर्दी-खांसी समझ कर लापरवाही कर देते हैं। जबकि ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। इसका समय रहते सही तरह से इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकती है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव की सलाह है इस मौसम में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए एहतियात बरतना जरूरी है। बच्चों को ठंड से बचाएं और पूरे कपड़े पहनाएं। 

विज्ञापन

निमोनिया के संकेत
 डॉ. नीरज यादव का कहना है कि निमोनिया होने पर फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं। इससे श्वसन प्रणाली प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि बच्चों का तेज सांस लेना, घरघराहट आदि भी निमोनिया के संकेत हो सकते हैं। निमोनिया के आम लक्षणों में खांसी, सीने में दर्द, बुखार और सांस लेने में मुश्किल आदि होते हैं। उल्टी होना, पेट या सीने के निचले हिस्से में दर्द होना, कंपकंपी, शरीर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द भी निमोनिया के लक्षण है। पांच वर्ष से कम उम्र के ज्यादातर बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें सांस लेने तथा दूध पीने में भी दिक्कत होती है और भी सुस्त हो जाते हैं। 

विज्ञापन

 बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे, इसलिए जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध जिसे कोलेस्ट्रम कहते हैं जरूर पिलाना चाहिए। कोरोना संक्रमण काल में निमोनिया ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए कोरोना से बचाव के नियमों का भी पालन करें। हाथों को नियमित रूप से धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

निमोनिया के ये भी प्रमुख लक्षण हैं 
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।
- खांसी जो कफ पैदा कर सकती है।
- बुखार से पसीना और कंपकंपी, ठंड लगना।
- मतली उल्टी या दस्त।
- सांस लेने में परेशानी।
- सामान्य शरीर के तापमान से कम।
राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस: ताजनगरी के 710 घर सूरज से ले रहे ऊर्जा, हर साल बचाते हैं 8.40 करोड़ रुपये
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें