राजकीय बाल शिशु गृह के अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि तीनों बच्चे प्री मैच्योर थे, अचानक मौसम बदला तो ठंड से उनकी तबीयत खराब हो गई। उस दिन मैं मौजूद नहीं था, इसलिए दूसरे कर्मचारी ने निरीक्षण समिति को लेक्टोजन पाउडर व खरीद रजिस्टर नहीं दिखाया।
बच्चों को दूध न मिल रहा, न पौष्टिक आहार
राजकीय बाल शिशु गृह में रह रहे बच्चे बेहद कमजोर हैं। उन्हें देखने से ऐसा लगता है कि मानक के अनुरूप दूध और पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा। 18 सितंबर को निरीक्षण समिति आगरा के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सर्वजीत कुमार सिंह ने जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) को भेजी निरीक्षण रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।
अध्यक्ष ने संस्था प्रभारी से बच्चों के लिए खरीदे गए लेक्टोजन पाउडर व खाद्य रजिस्टर दिखने के लिए कहा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट के जवाब में डीपीओ से कार्रवाई करने को कहा था, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। डीपीओ लवकुश भार्गव से उनका पक्ष जानने के लिए कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में संपर्क किया तो वह कार्यालय में नहीं मिले। उनका मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उनका फोन स्विच ऑफ था।