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आक्रोश: बच्चों ने जला दिए चीनी खिलौने, कोरोना के लिए चीन को मान रहे जिम्मेदार

Sat, 02 May 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बच्चों ने जलाए चीनी खिलौने - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के कारण लॉकडाउन। घर में बंद रहने की मजबूरी। कोई पार्क में जाने नहीं देता। दोस्तों से मिलने नहीं देता। बाल मन आक्रोशित है। रोष चीन के खिलौनों पर निकल रहा है। आगरा की कालोनियों में रह रहे बच्चों ने अपने उन खिलौनों को तोड़ दिया है जो चीन में बने हैं। 
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चीन के लिए बच्चों की इस नफरत से माता-पिता को भी कोई गुरेज नहीं है। उनका कहना है कि टीवी पर खबरों और घर में आपस में बातचीत के दौरान चीन के खिलाफ माहौल से बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने माता-पिता से चीन निर्मित कोई भी सामान नहीं खरीदने का वादा भी लिया है।

'चीन का सामान नहीं लूंगा'
मारुति एस्टेट के हिमांश शीतलानी ने कहा कि मेरे पास चीन के बने कई साल पुराने खिलौने थे। उन सभी खिलौनों को मेरे पापा और मैंने आग के हवाले कर दिया। खिलौने ही नहीं, चीन का कोई सामान कभी घर में नहीं आने दूंगा।

'सभी खिलौने तोड़ दिए'
विजय नगर कॉलोनी की शौर्य अग्रवाल बताया कि चीन के सभी खिलौने तोड़ दिए हैं। पिछले साल होली पर पिचकारी खरीदी थी। इस साल भी उसी से खेली। अब कभी चीन के बनाए खिलौने से नहीं खेलूंगी।

चीन ने घरों में कैद किया
देवांश वर्धन ने कहा कि चीन जैसे देश ने हमें घरों में कैद रहने के लिए मजबूर कर दिया है। हम बच्चे हैं, लेकिन इतना समझने लगे हैं कि जो भी चीन ने किया, वो गलत है।
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'उन खिलौनों से नहीं खेलती'
कमला नगर की जाह्नवी ने बताया कि मैंने टीवी में देखा था कि कोरोना वायरस का संक्रमण चीन ने दुनिया को दिया है। मुझे चीन के खिलौने अच्छे लगते थे। अब मैं उन खिलौनों से नहीं खेलती हूं।

पापा ने कहा, हमने तोड़ दिए चीनी खिलौने
घटिया आजम खां की रहने वाली नंदनी राठौर ने बताया कि मेरे पापा ने मुझसे कहा है कि चीन के खिलौने घर में नहीं आएंगे। मैं अपने पापा की बात हमेशा मानती हूं। इसलिए आज मैंने अपने चीन के खिलौने तोड़ दिए।

'खिलौना कार तोड़ दी'
दयालबाग के प्रांशु सहाय ने बताया कि चीन के खिलौने से तौबा कर ली। मेरे पास कई सालों पुरानी बचपन की चीन की खिलौना कार रखी थी। आज मैंने उसे तोड़ दिया। मुझे काफी सुकून मिला।
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