मौसम के बदलाव के साथ-साथ बच्चों में बीमारियों का दौर भी शुरू हो जाता है। हर माता-पिता को यह चिंता सताती है कि उनका बच्चा कहीं मौसम के बदलाव के साथ बीमार न पड़ जाए क्योंकि बच्चों में इम्यूनिटी यानी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
मौसम में बदलाव की वजह से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। इसके अलावा तेज बुखार, शरीर में अकड़न की समस्या हो रही है। मुंह में छाले और हाथ-पैर में दाने निकलने (हैंड-फूट-माउथ डिजीज) से पीड़ित बच्चे भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन का कहना है कि बच्चों की पसली चल रही हो, कराहने की आवाज आती हो, नथुने फूल रहे, होठों पर नीला निशान पड़ रहा हो तो उन्हें तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। ये निमोनिया के लक्षण हैं। मौसम में बदलाव से बच्चों को निमोनिया हो रहा है। जिन बच्चों के मुंह में छाले और हाथ-पैर में दाने निकल रहे हों, उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहिए। यह संक्रामक बीमारी है। एक से दूसरे बच्चों में फैल सकती है। बच्चों को घर में चार से पांच दिन आइसोलेट करना चाहिए। चार से पांच दिन में बीमारी ठीक हो रही है।
- एसी का इस्तेमाल कम से कम करें।
- बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं।
- मच्छरदानी जरूर लगाएं, जिससे मच्छर न काटने पाएं।
- पानी पर्याप्त मात्रा में पिलाएं। घर पर बना पौष्टिक भोजन ही खिलाएं।
- समस्या बढ़ने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।