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जुर्म की राह पर बचपन, खिलौनों से खेलने वाले हाथों ने थाम लिया हथियार

Wed, 24 Jan 2018 05:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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crime - फोटो : अमर उजाला
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वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी, कभी तितली पकड़ना, कभी लड़ना-झगड़ना... बचपन की कहानी सचमुच बड़ी नटखट होती है। हो भी क्यों न। यही तो उम्र है खिलौनों से खेलने की, परियों की कहानी सुनने की। 
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लेकिन पिछले कुछ दिनों में बालपन की कुछ ऐसी डरावनी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे समाज को झकझोरा है। दिल्ली में छात्र ने प्रिंसिपल को गोलियों से छलनी किया, लखनऊ में छात्र ने छात्रा का गला काटा। 

ताजनगरी में भी नन्हें मुन्ने जुर्म की राह पर चलते मिले हैं। भटकते बचपन की बिगड़ती कहानी से हर जुबां पर यही सवाल है कि आखिर बच्चों को ये क्या हो रहा है? देश का भविष्य के हाथों में चाकू और पिस्तौल क्यों है?
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एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह कहते हैं, यह गंभीर मामला है लेकिन गलती सिर्फ बच्चों की नहीं है। अभिभावकों को भी सोचना होगा कि वे बच्चों को कितना समय दे रहे हैं? समय देना एक बात है। 

दूसरी बात यह भी जरूरी है कि वे जानते हैं कि बच्चों से व्यवहार कैसे करना है। मनोचिकित्सकों के माध्यम से स्कूलों में बच्चों के साथ अभिभावकों की भी काउंसलिंग होनी चाहिए। 

यह देखा जाना चाहिए कि कहीं अभिभावक बच्चों पर अपनी उम्मीदों का ज्यादा बोझ डालकर उन्हें चिड़चिडा़ या गुस्सैल नहीं बना रहे हैं। जिन लोगों के पास लाइसेंसी असलाह हैं, उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि ये बच्चों की पहुंच से दूर रहें।

किशोर सुधार गृह में 90 किशोर बंद हैं। इन पर हत्या, लूट, चोरी, दुराचार के आरोप हैं। यहां भी ये सुधर नहीं रहे और बिगड़ रहे हैं। ऐसी शिकायतें आती रहती हैं कि ये नशीले पदार्थ की डिमांड करते हैं।
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इन वारदात को दिया अंजाम

-एक दिसंबर 2017 को सैंया में 12 साल के बालक ने छह साल की बालिका के साथ दुराचार किया। उसे लोगों ने पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। 
-10 नवंबर को शास्त्रीपुरम में नौ साल के बालक ने दोस्त को नाले में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी। बड़ा हंगामा हुआ था।

-25 दिसंबर को शहर के एक कांवेंट स्कूल की सातवीं की छात्रा ने सहेली की फर्जी आईडी बनाकर उसकी तस्वीरें फेसबुक पर डाल दीं थी।
-विभव नगर में नवंबर 2016 में कक्षा नौ के छात्र ने दोस्तों से अपने ही घर में डाका डलवा दिया था। वह गिरफ्तार हुआ था।

-कुछ दिन पहले शहर के एक  कांवेंट स्कूल के छात्रों ने टीचर के अश्लील फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिए थे।

ये भी जानें 
-पिछले साल नवंबर में सदर की दो छात्राएं ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करने के लिए घर से भाग गई थी। भोपाल से मिली थीं।
-पिछले साल ही नवंबर में फरह में मोबाइल न मिलने पर सात साल के बच्चे ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।
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