आगरा में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की टीम ने शुक्रवार को फतेहाबाद के बरीपुरा गांव में एक बाल विवाह रुकवाया। टीम ने 16 वर्षीय किशोरी को रेस्क्यू कर आशा ज्योति केंद्र भेज दिया। यह कार्रवाई चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर मिली सूचना के बाद की गई।
सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विवाह को रुकवाया। दस्तावेज की जांच में बालिका के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। रेस्क्यू की गई बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जनपद में 10 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं के लिए स्थायी आश्रय गृह न होने के कारण, समिति ने विशेष परिस्थितियों में आदेश दिया। बालिका को अगले आदेश तक आशा ज्योति केंद्र में आश्रय प्रदान किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी के निर्देशन में यह कार्रवाई हुई।
चाइल्ड हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर बृजेश कुमार गौतम ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1098 पर बरीपुरा में बाल विवाह की सूचना मिली थी। जनपद में 10 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं के लिए स्थायी आश्रय गृह न होने के कारण, समिति ने बालिका को अगले आदेश तक आशा ज्योति केंद्र में आश्रय प्रदान करने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई में केस वर्कर नीलम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाना प्रभारी हेमलता, एसआई मनोज नागर भी मौजूद रहे।