सूबे की राजनीति अब चुनावी करवट ले रही है। समाजवादी पार्टी बदलती परिस्थितियों को भांप रही है। मंगलवार को कौशल विकास मिशन के तहत नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 2017 में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई यूपी में लड़ी जाएगी। इस बार मुद्दे भी कुछ हटकर होंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक कम उम्र के मतदाता उत्तर प्रदेश में ही होंगे। उन्होंने प्रदेश में युवाओं के लिए दिए रोजगार के अवसरों का जिक्र किया तो यह भी दावा किया है कि यूपी सबसे तेजी से विकास कर रहा है।
अखिलेश यादव ने युवाओं पर केंद्रित भाषण में कहा कि समाजवादी सरकार बनते ही प्रदेश में विकास योजनाएं बनाई गईं। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे बन रहा है, जिसे प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से बना रही है। एक्सप्रेसवे लखनऊ तक नहीं रुकेगा, गाजीपुर तक जाएगा। 1.70 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन कर देश में मिसाल पेश की है। 102, 108 एंबुलेंस सेवा के जरिये सेवा और युवाओं को रोजगार दिया है। पिछली केंद्र सरकार से मदद न मिलने के बावजूद एंबुलेंस सेवा देश की सबसे बड़ी सेवा बनी है। कौशल विकास मिशन के जरिए युवाओं को प्रशिक्षित कर उनके लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराए हैं। मेडिकल में सीटें बढ़ाई जा रही हैं। कन्या विद्या धन और पेंशन योजनाएं चलाई हैं। पुलिस भर्ती अब फिजिकल के आधार पर होगी। बसपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने कौशल विकास मिशन नहीं चलाया। नौकरी नहीं निकालीं तो कैसे पता चलता कि प्रदेश में कितने बेरोजगार हैं। कौशल विकास मिशन के तहत 45 लाख पंजीकरण हुए हैं। सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी निकाली तो पीएचडी और इंजीनियरिंग कर चुके युवा भी लाइन में थे। केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग ‘डिजिटल इंडिया’ की बात करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि बिना लैपटॉप और मोबाइल के ‘डिजिटल इंडिया’ बन सकता है। हमने 17 लाख लैपटॉप बांटे। युवाओं के मन से कंप्यूटर का डर निकाला। सीएम ने कहा कि सुना जाता है, दूग्ध उत्पादन में गुजरात सबसे आगे है, लेकिन मैं दावा कर सकता हूं मदर डेरी, पराग डेरी और कामधेनु के योजना के माध्यम से यूपी दूग्ध उत्पादन में नंबर वन हो गया है। किसानों के लिए तरक्की का रास्ता खुलेगा और मंडियां खुलेंगी। लोग एलईडी बल्ब बांटेंगे, हमने बांट भी दिए हैं। आने वाले समय में उत्तर प्र्रदेश देश की राजनीति में बदलाव लाएगा।
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जरूरी नहीं सब समाजवादी हो जाएंगे
आगरा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि सरकार की जिम्मेदारी है नौकरी देना, सभी विभागों से कहा कि नौकरी निकालें। विभागों ने नौकरी दी हैं और आगे देने जा रहे हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि जिन्हें नौकरी मिली है वे समाजवादी हो जाएंगे और आज जिन लोगों को प्रमाण पत्र मिल रहे हैं वे समाजवादी पार्टी के समर्थक हो जाएंगे। यह देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। यहां नौजवान बढ़े हैं, बेरोजगार बढ़े हैं। हमें उनकी मदद करनी होगी और सेवा करनी होगी।
यहां तो पैसेवालों की सुनवाई होती है सीएम साहब...
आगरा। ताज नेचर वाक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यक्रम में एक युवती ने खलल डाल दिया। ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली निवेदिता ने पुलिस की तमाम चौकसी को धता बताकर पत्रकार दीर्घा में प्रवेश कर लिया। सीएम अखिलेश यादव करीब पांच मिनट ही अपनी बात कह पाए होंगे कि युवती मीडिया के कैमरामैन और फोटोग्राफरों के लिए बनाए मंच पर चढ़ गई और जोर से चिल्लाने लगी कि मुझे न्याय चाहिए। सीएम ने बाद में मिलने को कहा तो युवती ने कहा कि बाद कौन मिलने देगा...’ ‘यहां तो पैसेवालों की ही सुनवाई होती है...’ तभी पुलिस और एलआईयू के अधिकारी सक्रिय हो गए। मीडिया के कैमरे को युवती की ओर घूमे तो सीएम ने चुटकी ली कि ‘लो बन गई मीडिया की खबर...’ ‘कुछ लोगों ने ब्रेकिंग न्यूज भी बना दी होगी...।’ इसी बीच पुलिस युवती को बाहर ले गई। युवती प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये के प्रति बेहद नाराज थी। बता दें, अपने पारिवारिक क्लेश से तंग युवती पिछले कई दिनों कलेक्ट्रेट में चक्कर लगा रही थी लेकिन सुनवाई नहीं की जा रही है।
मैंने कभी बेंच का विरोध नहीं किया : सीएम
आगरा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उन्होंने कभी भी उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना का विरोध नहीं किया है। लेकिन इस मुद्दे पर निर्णय केंद्र सरकार को करना है।
मुख्यमंत्री ने यह बातें यूपी उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल से कही हैं। प्रतिनिधिमंडल महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य के साथ मुख्यमंत्री से ताज नेचर वाक में मिला। समिति के कार्यवाहक संयोजक एडवोकेट चौधरी अजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री से जसवंत आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आगरा में खंडपीठ की स्थापना कराने के लिए कहा गया था।
इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी आयोग की रिपोर्ट का विरोध नहीं किया है। पूर्व में ही प्रदेश सरकार की ओर से बेंच का प्रस्ताव जा चुका है। इस पर निर्णय केंद्र सरकार को लेना है। गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली में मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि पश्चिमी यूपी में खंडपीठ की स्थापना का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने अब जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर सहमति जताई है। इस रिपोर्ट में बेंच की स्थापना आगरा में किए जाने के लिए कहा गया है।