अगले माह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगरा दौरा संभावित है। उनके दौरे में
एसएन मेडिकल कालेज भी शामिल है। इससे पहले ही उनके दूतों ने आकर व्यवस्थाओं
का जायजा लेना शुरू कर दिया है। गुरुवार को भी प्रमुख सचिव चिकित्सा
शिक्षा ने औचक निरीक्षण कर कालेज प्रशासन को चौंका दिया। कालेज अधिकारी और
डाक्टरों में हड़कंप मच गया। प्रमुख सचिव ने वार्ड से लेकर ओपीडी और
पुरानी, नई बिल्डिंग की हालत देखी। उन्होंने प्रिंसिपल से तुरंत बिल्डिंग
की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सबसे ज्यादा खराब हालत सात मंजिला इमारत
की मिली, जहां पर भावी डाक्टरों को पढ़ाया जाता है।
प्रमुख सचिव
चिकित्सा शिक्षा आरपी सिंह अचानक डीएम पंकज कुमार के साथ सुबह एसएन मेडिकल
कालेज पहुंच गए। कार्यालय में प्रिंसिपल से मंत्रणा करने के बाद सीधे
एलटी-4 पहुंचे, जहां शिक्षकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को जाना।
प्रमुख सचिव ने कहा कि अगर किसी भी डाक्टर, शिक्षक को कोई समस्या आ रही है,
तो बेझिझक कह सकता है। इसके बाद वह सीधे सर्जरी विभाग में पहुंचे। हड्डी
और सर्जरी की ओटी देखी। फिर नई सर्जरी बिल्डिंग में गए। वार्ड, रैंप,
ओपीडी, ओटी, स्टाफ रूम आदि का निरीक्षण किया।
पूरे होंगे एमसीआई के मानक
प्रिंसिपल
डॉ. अजय अग्रवाल ने प्रमुख सचिव से एमसीआई के मानक पूरा करने के लिए मदद
की बात कही। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे मेरा वादा याद है। जल्द ही कालेज
सभी मानक पूरा करेगा। इसके तहत आडिटोरियम, पैरा मेडिकल स्टाफ, शिक्षकों की
भर्ती के अलावा अन्य काम भी होंगे।
बढ़ेगा अनुरक्षण बजट
अभी तक
कालेज का अनुरक्षण बजट एक करोड़ रुपया है, लेकिन कालेज की आवश्यकताओं को
देखते हुए यह बजट नाकाफी है। पैसे की कमी के कारण बहुत सी बिल्डिंग में काम
नहीं हो पाता। कई जर्जर हालत में है। इस पर प्रमुख सचिव ने बजट बढ़ाने का
भी भरोसा दिया है।
कालेज प्रशासन ने यह की मांग
कालेज में
पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन, चतुर्थ श्रेणी की बहुत ही
कमी है। इनकी भर्ती जल्द की जाए या फिर संविदा पर रखने के लिए बजट बजट जारी
कराया जाए।
कालेज की ओर से कई मांगें (खासकर एमसीआई मानक) प्रमुख सचिव के समक्ष रखी। जिन्हें उन्होंने जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया है।
- डॉ अजय अग्रवाल, प्राचार्य एसएन मेडिकल कालेज