आगरा। नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार से शुरू हो रहा है। दिवाली के बाद षष्ठी तिथि से छठ पूजा शुरू होती है। इसके बाद खरना, सांध्य अर्घ्य, प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ 28 अक्तूबर को त्योहार संपन्न हो जाएगा।
छठ महापर्व पर आगरा में रहने वाले पूर्वांचल समाज के लोग पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। यह बेहद कठिन व्रत माना जाता है, जिसमें व्रती महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। इस व्रत पूजन में बहुत सारे नियमों का पालन करना होता है। पर्व की शुरुआत 25 अक्तूबर से हो रही है।
पहले दिन व्रती महिलाएं नदी में स्नान कर भात, काशीफल और सरसों का साग खाती हैं। दूसरे दिन खरना होता है, महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चूल्हे पर गुड़ की खीर बनाकर छठी मैया को भोग लगाती हैं। पूरा परिवार प्रसाद ग्रहण करता है। तीसरे दिन अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य के साथ व्रत और पर्व संपन्न हो जाता है। अंतिम दिन सूर्य देव और छठी मैया का आभार व्यक्त किया जाता है।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी छठ पर्व के लिए शनिवार सुबह 11 बजे यमुना नदी के घाटों पर चल रहे स्वच्छता अभियान का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
चार दिन तक तक चलेगा पर्व
25 अक्तूबर (पहला दिन)- नहाय खाए
26 अक्तूबर (दूसरा दिन)- खरना
27 अक्तूबर (तीसरा दिन)- ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य
28 अक्तूबर (चौथा दिन)- उगते हुए सूर्य को अर्घ्य और व्रत पारण
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महापौर ने किया यमुना घाटों का निरीक्षण
शुक्रवार को महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने नगर निगम की टीम के साथ यमुना के घाटों की स्वच्छता का स्वच्छता का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि साफ सफाई मेें किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। इसके अलावा यह भी कहा कि चार दिन के कार्यक्रम में आमजन गंदगी न फैलाए इसके लिए नगर निगम अभियान चलाए। जगह-जगह गंदगी न फैलाने वाले जागरूकता के संदेश लगाए जाएं।
बल्केश्वर घाट पर चलाया स्वच्छता अभियान
पूर्वांचल छठ पूजा समिति के मुख्य व्यवस्थापक राकेश शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष जलस्तर अधिक बढ़ने के कारण घाट पर दलदल की स्थिति बन गई है जिससे सफाई करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बल्केश्वर घाट का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए।