सिंधी समाज के इष्टदेव एवं वरुणावतार भगवान झूलेलाल के अवतरण दिवस पर शुक्रवार को चेटीचंड महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना शुरू हो गई। शाम को सिंधी सेंट्रल पंचायत ने मोहल्ला पंचायतों के सहयोग से शोभायात्रा निकाली। आयो लाल... झूलेलाल गीत पर लोग झूमते-नाचते शामिल हुए।
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शुभारंभ घटिया स्थित हरियाली वाटिका पर सोमनाथ धाम के महंत डॉ. शंकरनाथ योगी ने भगवान झूलेलाल की आरती उतारकर की। ताज प्रेस क्लब पर बने मंच से पदाधिकारियों ने जयरामदास होतचंदानी के परिवार की ओर से प्रकाशित सिंधी पंचांग का विमोचन किया।
शोभायात्रा में सर्वप्रथम विघ्नहर्ता गणेश की झांकी रही। चार दर्जन झांकियों ने शोभायात्रा में चार चांद लगा रही थीं। डीजे पार्टियां और बैंडबाजों की धुन पर महिलाएं और पुरुष झूमते-नाचते चल रहे थे। शोभायात्रा घटिया स्थित ताज प्रेस क्लब से शुरू होकर गुड़ की मंडी, सिंधी बाजार, फव्वारा, किनारी बाजार, जौहरी बाजार, चिम्मन चौराहा, दरेसी होते हुए हाथीघाट पर संपन्न हुई।
हाथी घाट पहुंचने पर यमुना नदी में ज्योत का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत हुआ। स्वयंसेवी संस्थाओं ने मार्ग में जलपान की व्यवस्था की। शोभायात्रा में झूलेलाल की झांकी, शिव परिवार, खाटू श्याम, कैला देवी, लीला शाह, हिंगलाज माता, साईं टेऊराम सहित महाकाल की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
हिंदू जल सेवा मंडली, बांके बिहारी, परम प्रकाश मंडल काला महल, स्वामी टेऊराम, भारतीय सिंधु सभा की झांकियां भी सामाजिक और समरसता का संदेश देती चल रही थीं। झूलेलाल जयंती शोभायात्रा की वजह से बाजारों में भी सजावट की गई। जगह-जगह महापुरुषों के नाम पर स्वागत द्वार बनाए गए। शोभायात्रा में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन के साथ आयोजन समिति के 50 स्वयंसेवकों ने सहयोग किया।