साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन लोन का झांसा देकर खंदारी के राजेंद्र गर्ग से धोखाधड़ी की। उन्हें 2.50 लाख रुपये का लोन का झांसा देकर कई बार में 42,719 रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। बाद में लोन देने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर एक साल बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।
जवाहर नगर, खंदारी निवासी राजेंद्र गर्ग ने पुलिस को बताया कि जून 2021 में मोबाइल पर एक युवती की कॉल आई। उसने अपना नाम रेखा बताया। कहा कि वह गंगानगर, राजस्थान की लाइफ गोल्ड फाइनेंस कंपनी से बोल रही है। लोन के बारे में बताया। दो दिन बाद रेखा की फिर कॉल आई। उन्होंने हां बोल दिया। उसने पैनकार्ड, आधारकार्ड, बैंक स्टेटमेंट, पासबुक की कॉपी व्हाट्सएप पर 30 जून 2021 को ले ली। उसी दिन लोन होने की कॉपी आ गई।
युवती ने बताया कि 2.50 लाख का लोन पास हो गया है। उसने पेमेंट के लिए 4130 रुपये की मांग की। इसके बाद एग्रीमेंट फीस के 8260 रुपये, तीन ईएमआई के 24,429 रुपये मांगे। लोन के झांसे में आकर यह रकम जमा कर दी। मगर, 13 जुलाई 2021 को लोन करने से मना कर दिया गया। रिफंड के लिए वह कंपनी में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। मगर, रेखा और राहुल नामक युवक ने सिर्फ आश्वासन दिए। मामले की शिकायत साइबर सेल में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब वह भटकने को मजबूर हैं। साइबर सेल की जांच के बाद न्यू आगरा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया।
रेलवे कर्मी के दो खातों से निकाले 40 हजार रुपये
सिकंदरा स्थित नीरव निंकुज निवासी मजहर उल्ला खान ने पुलिस को बताया कि वह रेलवे में कार्यरत हैं। उनके दो खाते आईसीआईसीआई बैंक और यूबीआई बैंक में हैं। 24 सितंबर को उनके आईसीआईसीआई बैंक के खाते से दो बार में 20 हजार रुपये और 29 सितंबर को यूबीआई बैंक के खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। मामले में थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया है।