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फर्जीवाड़ा: पांच हजार के दानपत्र से बेच दी पांच करोड़ की धर्मशाला, ट्रस्टियों-भूमाफिया पर गंभीर आरोप

Tue, 03 Feb 2026 09:19 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के नामनेर चौराहे पर स्थित 100 साल पुरानी धर्मशाला पांच हजार के दानपत्र से बेच दी गई। इस मामले की शिकायत सीएम योगी तक पहुंच गई है।
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चुन्नीलाल धर्मशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नामनेर चौराहे पर स्थित चुन्नीलाल अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट की 100 साल पुरानी धर्मशाला की बेशकीमती संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ कथित ट्रस्टियों, भूमाफिया ने सब रजिस्ट्रार से मिलीभगत कर धोखाधड़ी से पांच करोड़ की संपत्ति पांच हजार रुपये के दानपत्र से बेच दी। मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद जांच शुरू हो गई है।
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ट्रस्ट से जुड़े अग्रवाल समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री से भूमाफिया के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई थी। शिकायतकर्ता ट्रस्टी कृष्ण मुरारी अग्रवाल ने बताया कि स्वर्गीय चुन्नीलाल अग्रवाल ने वर्ष 1927 में नि:संतान होने के कारण अपनी संपत्ति संख्या 2/204 एवं 2/205 ट्रस्ट के नाम कर दी थी। डीड की शर्तों के अनुसार, ट्रस्टियों को केवल देख-रेख का अधिकार था, बेचने या दान करने का नहीं।

वर्ष 2010 में अग्रवाल समाज ने मौखिक रूप से कुछ नए ट्रस्टी नियुक्त किए थे। आरोप है कि उन्होंने खुद को मुख्य ट्रस्टी बताकर 30 जून 2025 को संपत्ति समर्पण समिति के नाम अवैध रूप से दान कर दी। करीब 300 वर्ग गज में बनी दो मंजिल धर्मशाला पर कब्जे की कोशिश की गई लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।
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सब रजिस्ट्रार ने दरकिनार किए नियम
इस मामले में दानपत्र पंजीकृत करने वाले सब रजिस्ट्रार की भूमिका भी संदिग्ध है। सीएम को भेजी शिकायत में सब रजिस्ट्रार पर ट्रस्ट की संपत्तियों के हस्तांतरण में नियमों को दरकिनार करने के आरोप लगे हैं। शिकायत में दोषी व्यक्तियों के साथ सब रजिस्ट्रार के खिलाफ भी धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई है।


कराई जा रही है जांच
निबंधन सहायक महानिरीक्षक योगेश कुमार ने बताया कि सब रजिस्ट्रार ने नियमों का उल्लंघन किया या नहीं, इस बिंदु पर जांच कराई जा रही है। आरोप सही साबित होने पर सब रजिस्ट्रार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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