आगरा। थाना हरीपर्वत में कोर्ट के आदेश पर दर्ज धोखाधड़ी और इलाज में लापरवाही से युवक की मौत के मुकदमे में रवि हास्पिटल के मालिक डॉ. रवि पचौरी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट लगा दी गई है। पुलिस ने चार्जशीट में नौ गवाह बनाए हैं।
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र निवासी रक्षपाल सिंह यादव का बेटा लोकेंद्र 16 जुलाई 2019 को सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसके सीने, गर्दन और सिर में चोट लगी थी। इलाज के दौरान लोकेंद्र की मौत हो गई। रक्षपाल ने कोर्ट के आदेश पर थाना हरीपर्वत में 14 अगस्त 2019 को मुकदमा दर्ज कराया।
रवि हास्पिटल के मालिक डॉ. रवि पचौरी पर धोखाधड़ी और लापरवाही से मौत का आरोप लगाया गया। मुकदमे की विवेचना पहले एसआई विक्रम सिंह ने की। इसके बाद एसआई अमित प्रसाद ने। विवेचना में पाया कि रक्षपाल सिंह ने लोकेंद्र को रवि हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आरोप के मुताबिक, हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जन नहीं होते हुए भी दो लाख रुपये जमा करा लिए। इलाज में लापरवाही की, जिससे लोकेंद्र की जान चली गई। स्वास्थ्य विभाग से भी रिपोर्ट ली गई थी।
विवेचक ने 13 जून को डॉ. रवि पचौरी के खिलाफ धोखाधड़ी और लापरवाही से मौत के मामले में चार्जशीट लगा दी। यह कोर्ट भी पहुंच गई है। इसमें नौ गवाह बनाए गए हैं, जिनमें विशेषज्ञ साक्ष्य के रूप में एक चिकित्सक के बयान हैं। चार्जशीट में लिखा कि आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, क्योंकि वह शहर के ख्याति प्राप्त चिकित्सक हैं। आइएमए के अध्यक्ष भी रहे हैं। गिरफ्तारी से शांतिभंग की आशंका है। इसलिए कोर्ट से समन जारी कर आरोपी को तलब किया जाए।