आगरा के थाना मंटोला पुलिस ने शहर मुफ्ती खुबैब रूमी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। उन पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) के अपमान और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बोलने का आरोप लगा था। उनके बेटे को भी आरोपी बनाया गया है। अब पुलिस वायरल ऑडियो क्लिप को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेगी। शहर मुफ्ती की आवाज का मिलान कराया जाएगा।
15 अगस्त को शाही जामा मस्जिद में ध्वजारोहण किया गया था। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी कार्यक्रम में पहुंचे थे। 16 अगस्त को एक ऑडियो वायरल हुआ। यह शहर मुफ्ती का बताया गया। इसमें जामा मस्जिद में ध्वजारोहण को हराम बताया गया था। मामले में लोकल इस्लामियां कमेटी के अध्यक्ष असलम कुरैशी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा
सीओ छत्ता सुकन्या शर्मा ने बताया कि मुकदमे में राष्ट्रीय ध्वज अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 3, आईपीसी की धारा 153 बी, 505, 505 (1) (बी), 508 और आईटी एक्ट लगा था। शहर मुफ्ती खुबैब रूमी और उनके बेटे हम्मदुल कुद्दूस को नामजद किया था।