यूजीसी ने यूनिवर्सिटियों को नए दिशा निर्देश जारी किए हैं
डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के चर्चित फर्जी मार्कशीट प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह जेल में बंद विवि के लिपिक रणवीर सिंह के खिलाफ है। इसी केस में छह लिपिक फरार चल रहे हैं। इनके खिलाफ भी साक्ष्य जुटा लिए हैं। एसआईटी के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही 20 और कर्मचारियों को आरोपी बनाया जा सकता है। इनके खिलाफ मिले साक्ष्यों के बारे में शासन को अवगत करा दिया है।
प्रकरण में कुल सात केस दर्ज किए गए थे। पिछले साल नवंबर में छह आगरा पुलिस ने और एक एसआईटी ने दर्ज किया था। इसमें बीएड के 2004-05 के सत्र में हुए फर्जीवाड़े की जांच की गई। एफआईआर में तत्कालीन वीसी अवतार सिंह कुकला और तत्कालीन रजिस्ट्रार शिवपूजन सिंह समेत पांच आरोपी बनाए गए थे। बाद में सात लिपिकों के नाम सामने आए। रणवीर सिंह को एसआईटी ने लखनऊ से ही गिरफ्तार किया था। एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि इस केस में सीबीआई कोर्ट लखनऊ में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। केस इसी कोर्ट में है। इससे पहले आगरा पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। एसआईटी की यह पहली चार्जशीट है।
छह और लिपिक हैं निशाने पर
-- एसआईटी के निशाने पर इसी मामले में छह और लिपिक हैं। इनके गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। जीवनी मंडी निवासी शैलेंद्र और दयालबाग निवासी सुनील वार्ष्णेय के घर पर कुर्की नोटिस चस्पा किए जा चुके हैं। इन सभी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। सभी के घर ताला लटका है।
20 कॉलेज संचालकों को नोटिस
-- इसी केस में 83 कॉलेज संचालकों के बयान दर्ज किए जाने हैं। इनमें से 56 अपनी बात रख चुके हैं। सात ने कह दिया कि मैनेजमेंट कमेटी बदल जाने के चलते रिकार्ड नहीं मिल रहा है। जांच एजेंसी की ओर से 20 के नाम नोटिस जारी किया गया।
अगला नंबर शिक्षकों का
-- कॉलेज संचालकों के बाद उन शिक्षकों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिन्होंने फर्जी मार्कशीट के सहारे नौकरी पाई है। एसआईटी ने ऐसे 200 से अधिक सहायक अध्यापकों की सूची तैयार कर ली है। इन्हें भी जल्द ही नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा।