एसआईआर के बाद जिले में घटी मतदाताओं की संख्या।
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विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एसआईआर के बाद एक तरफ मतदाता सूचियों का कार्य पूर्ण हो चुका है। दूसरी तरफ शनिवार को मतदान केंद्र और बूथ फाइनल हो गए। जिले में एसआईआर के बाद 83 पोलिंग बूथ घट गए हैं, जबकि दस मतदान केंद्र नए जुड़े हैं।
जिले में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। जिनमें अब 1,729 मतदान केंद्रों के 3,932 बूथों पर मतदान होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने शनिवार तक बूथ व केंद्रों के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण का निर्देश सभी उप जिलाधिकारी को दिया था। उप जिलाधिकारी ने बूथ व केंद्रों का सर्वे किया। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अब जिले में 3,932 बूथों पर वोट पड़ेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि एसआईआर के समय जिले में 3,849 बूथ और 1,739 केंद्र थे। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रत्येक बूथ पर 1,200 मतदाताओं का मानक तय हुआ है। मतदाता के घर से मतदान केंद्र की दूरी 2 किमी से अधिक नहीं होगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जो आपत्तियां दर्ज कराई थीं, उनका निस्तारण कर दिया है।
नौ विधान सभा क्षेत्र में 29.62 लाख मतदाता
एसआईआर से पहले जिले में करीब 36 लाख मतदाता थे। एसआईआर के बाद 6.37 लाख मतदाताओं के नाम सूची से कट गए। अब नौ विधान सभा क्षेत्र में 29.62 लाख मतदाता हैं। पुरुष मतदाता 16.25 लाख हैं। जबकि महिला मतदाता 13.27 लाख हैं। इनके अलावा 82 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। उप जिला निर्वाचन एवं अपर जिलाधिकारी सिटी अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि नए मतदाता शपथपत्र और 2003 की एसआईआर का दस्तावेज के साथ फार्म- 6 भरकर नाम सूची में दर्ज करा सकते हैं।