फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandra Grahan 2025: चंद्रग्रहण आज...दोपहर में बंद होंगे मंदिरों के पट, जानें सूतक का समय; इन राशियों पर असर

Sun, 07 Sep 2025 10:34 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

Chandra Grahan Timing in Agra: पितृ पक्ष के दौरान खग्रास चंद्र ग्रहण 7 सितंबर भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को होगा। ग्रहण का प्रारंभ रात 9:57 बजे, मध्य काल रात्रि 11:42 बजे और मोक्ष काल रात्रि 1:27 बजे तक रहेगा। इससे पहले दोपहर 12:57 बजे से सूतक काल शुरू होगा।
 
विज्ञापन
चंद्रग्रहण
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विक्रम संवत 2082 भाद्रपद शुक्ल पक्ष रविवार को पूर्णिमा तिथि है। इस दिन कई जगह लोग अपने पितरों का श्राद्ध करते हैं। इस वर्ष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रविवार 7 सितंबर 2025 को खग्रास चंद्रग्रहण पड़ रहा है। ये भारत में दिखाई देगा। भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, यूरोप, अंटार्कटिका और हिंद महासागर में भी दिखेगा।
विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य डा. पूनम वार्ष्णेय ने कहा कि यह ग्रहण कुंभ राशि शतभिषा नक्षत्र के ऊपर रहेगा, जिनकी राशि कुंभ है। उन्हें ग्रहण नहीं देखना चाहिए। मीन राशि वाले को भी यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए। यह मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए श्रेष्ठ रहेगा। श्रेष्ठ फल कारक रहेगा। मिथुन, सिंह, तुला, मकर राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। कर्क, वृश्चिक, मीन, कुंभ राशि वालों के लिए खराब रहेगा। इन राशि वाले जातकों को ग्रहण नहीं देखना चाहिए।

 
विज्ञापन

सूतक का समय
सूतक सात सितंबर को दोपहर 12:57 बजे से लगेगा। वहीं ग्रहण प्रारंभ विरल छाया में प्रवेश रात्रि 8:58 पर प्रवेश करेगा। ग्रहण स्पर्श रात्रि 9:57 के बाद शुरू होगा। विरल छाया निर्गम रात्रि 2:25 पर होगा। पूर्णिमा के दिन जिन लोगों को श्राद्ध करना है, वे दोपहर 12:57 बजे तक ही भोजन से निवृत हो जाएं।

तीन घंटे 30 मिनट रहेगा चंद्रगहण
ज्योतिषाचार्य अनीता पराशर ने बताया कि पितृ पक्ष के दौरान खग्रास चंद् ग्रहण 7 सितंबर भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को होगा। ग्रहण का प्रारंभ रात 9:57 बजे, मध्य काल रात्रि 11:42 बजे और मोक्ष काल रात्रि 1:27 बजे तक रहेगा। इस प्रकार यह पूर्ण चंद्रग्रहण 3 घंटे 30 मिनट तक रहेगा। यह खग्रास चंद्रग्रहण पूरे भारतवर्ष में स्पष्ट दिखाई देगा। भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रहण से लगभग 9 घंटे पूर्व सूतक लग जाएंगे। दोपहर 12:57 बजे से सूतक में धार्मिक कार्य, मंदिर दर्शन, भोजन आदि वर्जित माने जाते हैं।

ये भी पढ़ें-यमुना में बाढ़: सड़कों पर जलभराव...517 परिवार हुए बेघर, दो दिन ओर बढ़ेगा जलस्तर; इन इलाकों में खतरा अधिक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें