उफनाई चंबल नदी रविवार को दूसरे दिन भी थमी रही। 24 घंटे में महज 20 सेमी की गिरावट के साथ नदी का जलस्तर 124.80 मीटर पर स्थिर रहा। इससे रविवार को तीसरे दिन भी बाह के गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा चंबल नदी के उफान की कैद में रहे। गोहरा गांव की देहरी से लेकर खेड़ा राठौर की सीमा तक सड़क डूबी हुई है।
खेडा राठौर के प्रधान विजय उर्फ भूरे ने बताया कि तीनों गांव चंबल के उफान के पानी से घिरे हैं। सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि गुढ़ा गांव का रास्ता कीचड़ से भरा है। रेहा के प्रधान अजय कौशिक ने बताया कि रेहा, डगोरा, कछियारा गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई है। तीन दिन से गांव के लोग अंधेरे में डूबे हुए हैं। चंबल के उफान के पानी से खेत, खादर, नदी से जुड़ने वाले रास्ते डूबे हुए हैं। भूसा और झोपड़ियां बाढ़ के पानी में डूब कर नष्ट हो गई हैं। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है। बाह के नायब तहसीलदार सुधीर गिरी ने बताया कि चंबल नदी के जलस्तर में रविवार को मामूली गिरावट दर्ज हुई है। ग्रामीणों को नदी क्षेत्र से दूरी बनाने की अपील की गई है।
गोहरा में किसान को सांप ने डसा, टीले के रास्ते अस्पताल ले पहुंचे परिजन
चंबल नदी के उफान के पानी के साथ जलीय जीव गांवों तक पहुंचने लगे हैं। चंबल के उफान की कैद में आए बाह के गोहरा गांव में शनिवार रात 8:30 बजे किसान सुखवीर (37) को पशुओं के बाड़े के पास सांप ने डस लिया। परिवार के लोग बीहड़ के टीले के रास्ते चल कर रात 11 बजे के बाद बाह सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां पर उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है।
कैंजरा और उसैथ घाट पर पांचवें दिन भी नहीं चली मोटरबोट
चंबल नदी के उफान की वजह से रविवार को पांचवें दिन भी बाह के कैंजरा घाट, पिनाहट के उसैथ घाट पर भिंड और मुरैना के गांवों के लिए मोटरबोट नहीं चली। इससे यात्रियों को 60 से 90 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर उदी और धौलपुर के रास्ते जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के उफान से 150 से ज्यादा गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
नौवें दिन डूबा रहा तोड़ा का पुल
धौलपुर के पार्वती (आंगई) बांध से पानी की आवक की बजह से उफनाई उटंगन नदी का जलस्तर रविवार को मामूली वृद्धि के बाद स्थिर हो गया। तोड़ा गांव के पुल (रपट) के ऊपर रविवार को 9 फीट तक पानी भरा हुआ था। बहाव भी तेज है। तोड़ा पुल के डूबने से रविवार को लगातार नौवें दिन सेहा, तोड़ा, सीयपुरा, शाहपुर खालसा गांव का तहसील मुख्यालय फतेहाबाद से संपर्क कटा रहा। तोड़ा के प्रधान नेमीचंद ने बताया कि उटंगन नदी का जलस्तर बढ़ने से तोड़ा, सेहा, अरनोटा, गुरावली, सेरब, सबोरा, बीधापुरा, बसई अरेला, बसई भदौरिया, कांकर खेडा, मानिकपुरा, पिढौरा, कौंध, रीठई गांव में कछार के बाद तराई के खेतों में बाजरा और तिल की फसलें डूब गई हैं।