चंबल के बीहड़ों में भीषण आग, एक किलोमीटर क्षेत्र जलकर राख
पिनाहट। होली के माैके पर बुधवार दोपहर चंबल का बीहड़ सुलग उठा। देखते ही देखते जंगल से उठी आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। पुरा उमरेठा और बासौनी क्षेत्र में एक किलोमीटर तक लगी आग की लपटाें में घास-फूस व वनस्पति जलकर राख हो गई। आग की लपटें गांव की ओर बढ़ती देख ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। बीहड़ से सियार, खरगोश, लकड़बग्घा समेत अन्य वन्य जीव सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कांटेदार झाड़ियों और तेज हवा के चलते आग पर काबू पाने में कठिनाई हुई। बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड की दमकलों ने गांव के किनारे तक पहुंची आग पर पानी डालकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद अधिकांश आग पर काबू पा लिया गया। रेंजर कुलदीप पंकज ने बताया कि वन क्षेत्र में आग लगने से स्थानीय इकोसिस्टम प्रभावित होता है। आग से छोटे जीव-जंतु, सरीसृप व पक्षियों को खतरा रहता है। हालांकि कुछ समय बाद नई घास उगने से शाकाहारी जीवों को लाभ भी मिलता है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। किसी वन्य जीव के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है।