एक जनवरी को दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट के एक सौ साल पूरे हो गए। शताब्दी वर्ष की शुरुआत राधास्वामी एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (आरईआई) के परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी से की गई। इस मौके पर सत्संग सभा की ओर से स्थापित सबसे पुरानी शैक्षणिक संस्था रोशनी से नहा उठी। शताब्दी वर्ष के प्रोग्राम पूरे साल आयोजित किए जाएंगे।
राधास्वामी सत्संग सभा ने दयालबाग में एक जनवरी 1916 को राधास्वामी एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (आरईआई) की स्थापना की थी। इसके बाद अन्य शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की गई। कालेज परिसर में शुक्रवार की सुबह कालेज के इतिहास को दर्शाते फोटोग्राफ्स और कालेज के विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं समेत अन्य स्थानों पर किए गए प्रदर्शन के मेडल आदि दर्शाए गए। इसके साथ ही कालेज परिसर में ही विज्ञान के छात्रों ने अपने मॉडल्स की प्रदर्शनी आयोजित की थी। प्रदर्शनी को देखने के लिए पूरे दिन छात्र-छात्राओं का जमावड़ा लगा रहा।
शाम को पूरे आरईआई परिसर को एलईडी की रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। इंजीनियरिंग छात्रों ने कालेज के दीक्षांत हॉल के समीप म्यूजिकल फाउंडेशन तैयार किया। इसमें म्यूजिक के साथ लाइटिंग का अनूठा प्रयोग देखते ही बनता था। फाउंटेन से पानी की बौैछारों के साथ संगीत की ध्वनियां आकर्षित कर रही थीं। सत्संग सभा के एसके नैयर ने बताया कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम पूरे साल आयोजित किए जाएंगे।