ताजमहल के मंदिर होने का दावा करने वाले लोगों को केंद्र सरकार ने जोर का झटका दिया है। ताजमहल बनाम तेजोमहालय केस में सिविल कोर्ट में सरकार की ओर से दाखिल जवाब में हर सवाल का जवाब दे दिया गया है। इससे सरकार की मंशा भी जाहिर हो गई है।
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साफ लग रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं चाहती है। पुरातत्व विभाग ने भी स्पष्ट कह दिया है कि यह संगमरमरी इमारत शाहजहां द्वारा बनवाया गया मकबरा है।
इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक ने अपनी किताब में यह दावा किया था कि ताजमहल मंदिर है। इसके पक्ष में कई तर्क दिए थे। जैसे इमारत की संरचना मंदिर जैसी है, इस पर कई जगह शुभ चिन्ह स्वास्तिक भी बना है।
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इस किताब से शुरू हुआ विवाद
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
कमल के फूल, कलश और त्रिशूल बने हैं। इस किताब के आने केबाद कई लोग कहने लगे कि यह इमारत शिव मंदिर है। इसका नाम तेजोमहालय बताया गया।
भाजपा के कई नेताओं ने भी इमारत को शिव मंदिर बताया। आगरा में सिविल कोर्ट में वाद भी दायर किया गया। तभी से सबकी नजर इस पर लगी थी कि केंद्र सरकार क्या जवाब देती है। सरकार ने कोर्ट से नोटिस जारी होने पर जवाब नहीं दिया तो सवाल और उठे। लेकिन अब जवाब दे दिया है।
तेजोमहालय के पक्ष में दावे
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
1- संगमरमर की बनी यह इमारत शिव मंदिर है, इसका असली नाम तेजोमहालय है।
2- इमारत में नीचे की तरफ का काफी हिस्सा बंद पड़ा है, इसे खोला जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
3- बंद पड़े हिस्सों को खोले जाने के साथ ही उनकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए।
केंद्र सरकार के कोर्ट में जवाब
court
- फोटो : demo
1--। यह इमारत मुगल बादशाह शहाजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया गया मकबरा ताजमहल है।
2--। इसके लिए तमाम कानून मौजूद हैं, जिनमें स्पष्ट है कि कौन सा हिस्सा खोला जा सकता है, कौन सा नहीं।
3--। इसके लिए भी कानून मौजूद हैं जिनमें बताया गया है कि किस हिस्से की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी हो सकती है और किसकी नहीं।