ताजनगरी में मेट्रो चलाए जाने की तमाम बाधाएं अब दूर हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र की कैबिनेट ने गुरुवार को इस परियोजना को मंजूरी दे दी। यह 8379.63 करोड़ रुपये की परियोजना है। इसे पांच साल में पूरा किया जाना है। अगर समय पर काम पूरा हो जाता है तो 2024 तक शहर में मेट्रो चलने लगेगी।
लगभग एक दशक से मेट्रो रेल का इंतजार किया जा रहा है। सपा की सरकार के दौरान इसकी डीपीआर बनाने का आदेश जारी हुआ। योगी सरकार आने के बाद काम तेज हुआ। प्रदेश सरकार के बजट में मेट्रो के लिए 175 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। अब कैबिनेट ने पूरा प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया है। प्रदेश और कें द्र सरकार इस परियोजना पर मिलकर पैसा खर्च करेंगी।
आगरा रेल प्रोजेक्ट में दो कॉरिडोर होंगे। यह विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे ताजमहल, आगरे का किला, सिकंदरा आदि को जोड़ेगा। इसके अलावा यह रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और मेडिकल कॉलेज को भी जोड़ेगा। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 8379.62 करोड़ रुपये है।
सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा आगरा की मेट्रो रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों खासतौर पर आगरा की जनता को बधाई देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ने बड़ी सौगात दी है। मेट्रो परियोजनाओं के क्रियान्वयन से आगरा की जनता को विश्वस्तरीय आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
आगरा मेट्रो रेल की खास बातें
- दो कॉरिडोर होंगे, इनकी कुल मिलाकर लंबाई 29.90 किमी. है।
- सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट कॉरीडोर 14 किमी. का होगा।
- इसमें 13 स्टेशन होंगे, छह एलिवेटिड और सात अंडरग्राउंड होंगे।
- आगरा कैंट से कालिंदी विहार कॉरीडोर 15.40 किमी.का होगा।
- इसमें 14 स्टेशन होंगे, सभी एलिवेटिड होंगे।
ये होंगे स्टेशन :
1. सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट कॉरीडोर : सिकंदरा, आईएसबीटी, राजा की मंडी रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, आगरा कैंट और ताजमहल।
2. कैंट से कालिंदी विहार : कैंट स्टेशन, कलक्ट्रेट, संजय प्लेस और कालिंदी विहार।