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UP: पेड़ काटने पर आगरा मेट्रो के अफसरों को सीईसी ने किया तलब, 19 मई को देना होगा जवाब

Sat, 16 May 2026 09:43 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 निर्माण के दौरान बिना अनुमति 50 पेड़ काटने के मामले में सीईसी ने यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों को दिल्ली तलब किया है। वन विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में अवैध कटान और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की है।
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आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ताज ट्रेपेजियम जोन में हरे पेड़ काटने के मामले में की गई शिकायतों पर सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी 19 मई को नई दिल्ली स्थित कार्यालय में सुनवाई करेगी। कमेटी के सामने 19 मई को पेड़ काटने के तीन मामले रखे गए हैं, जिनमें आवेदकों के साथ आगरा, मथुरा और भरतपुर के डीएफओ और प्रधान वन संरक्षक से जवाब मांगा गया है। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के कॉरिडोर-2 में काट दिए गए पेड़ों के मामले में भी यूपीएमआरसी के अफसरों को सीईसी ने तलब किया है।
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सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के ओएसडी ने तीनों मामलों में नोटिस जारी कर 19 मई को दिल्ली आने के लिए कहा है। इनमें पहला मामला आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 का है, जिसमें आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक 16 किमी. के बीच डिवाइडर पर लगाए गए पेड़ों को यूपीएमआरसी ने काट दिया। खासकर साईं की तकिया से हरीपर्वत चौराहे के बीच में 12 से 20 फीट ऊंचे पेड़ काट दिए गए। इन्हें आगरा नगर निगम ने डिवाइडर पर लगाया था।

 

पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने इसकी शिकायत सीईसी से की थी। यूपीएमआरसी की कंपनी सेक्रेटरी पुष्पा बेल्लानी को 19 मई को शाम 4:30 बजे दिल्ली तलब किया गया है। इसी दिन ताज ट्रेपेजियम जोन के तहत भरतपुर में सिटी फ्लड कंट्रोल रूम निर्माण के लिए 51 पेड़ काटने की अनुमति के लिए भरतपुर के डीएफओ से जवाब मांगा गया है। तीसरा मामला टीटीजेड के तहत वृंदावन का है, जहां वृंदावन के इंपेक्टम लैंड को पेड़ काटने के मामले में पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। मथुरा के डीएफओ और प्रधान वन संरक्षक भी सीईसी के सामने सुनवाई में अपना पक्ष रखेंगे।
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डीएफओ ने माना, 50 पेड़ मेट्रो ने काट दिए
डीएफओ राजेश कुमार ने टीटीजेड चेयरमैन को भेजी रिपोर्ट में कहा था कि यूपीएमआरसी ने आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य के दौरान सुप्रीम कोर्ट की अनुमति लिए बिना ही पेड़ काट दिए हैं। वन विभाग ने ऐसे मामलों में विभागीय केस दर्ज किए हैं। डीएफओ ने इस पर चिंता जताई थी कि मेट्रो विस्तार में दूसरे कॉरिडोर के निर्माण में बाधक पेड़ों को बिना अनुमति लिए ही कार्य शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा डिपो का निर्माण भी जारी है, जिसकी अनुमति किसी सक्षम स्तर से नहीं ली गई है। डीएफओ की रिपोर्ट में डिवाइडर पर लगे 43 पेड़ एमजी रोड पर, माल रोड पर लाल बहादुर शास्त्री प्रतिमा के गोल चक्कर में नीम के दो पेड़, एएसआई ऑफिस के बाहर दो पेड़, मंडलायुक्त परिसर में एक पेड़ और यमुना नदी पुल के पास हाईवे पर दो पेड़ काटने का मामला दर्ज किया गया था। इन सभी को सीईसी में पेश किया जाएगा।
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