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चंबल सेंक्चुअरी: खनन मामलों में कार्रवाई पर संदेह, अफसर देंगे हलफनामा; सीईसी ने खाली पदों पर भी उठाए सवाल

Wed, 04 Nov 2026 04:19 PM IST
Arun Parashar अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य, आगरा में उप वन संरक्षक (डीसीएफ) और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) दोनों प्रमुख पद कई महीनों से खाली पड़े हैं। सीईसी ने इन संवेदनशील पदों को तुरंत भरने के निर्देश दिए हैं।
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चंबल नदी में अवैध खनन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में फैली चंबल सेंक्चुअरी में बालू के अवैध खनन पर सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी पांचवीं रिपोर्ट दाखिल की है। इस रिपोर्ट में सीईसी के सचिव डॉ. सतीश सी. गरकोटी ने राज्य सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। सरकारों ने खनन मामलों में कार्रवाई का जो ब्योरा दिया है, उस पर संदेह जताते हुए सीईसी ने हलफनामा मांगा है। चंबल के साथ केन नदी क्षेत्र में जारी अवैध बालू खनन तथा दुर्लभ जलीय जीवों घड़ियाल, डॉल्फिन, कछुओं पर मंडराते खतरे के लिए सरकारी कदमों की खामियों को भी उजागर किया है।
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रिपोर्ट संख्या 37/2026 में सचिव डाॅ. सतीश सी. गरकोटी ने वनकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। धौलपुर में जनवरी में चेकपोस्ट पर अवैध खनन के दौरान वन रक्षक जितेंद्र सिंह की शहादत का जिक्र करते हुए सीईसी ने सुरक्षा पर सवाल पूछे, जिस पर राजस्थान सरकार ने 28 करोड़ की लागत से वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए 1,025 ग्लॉक पिस्टल और 2,000 एसएलआर खरीदने का प्रस्ताव दिया है। राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य, आगरा में उप वन संरक्षक (डीसीएफ) और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) दोनों प्रमुख पद कई महीनों से खाली पड़े हैं। सीईसी ने इन संवेदनशील पदों को तुरंत भरने के निर्देश दिए हैं।

 
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आंकड़ों की बाजीगरी पर जताई नाराजगी
सीईसी सचिव ने अपने निरीक्षणों का ब्योरा दिया और चंबल क्षेत्र में मुरैना, श्योपुर, भिंड में 1250 वाहनों की जब्ती और केवल 59 पर कार्रवाई पर नाराजगी जताई। जीपीएस डाटा का स्पष्ट ब्योरा न देने पर नाराज सीईसी ने फिर से रिपोर्ट मांगी है। स्पष्ट किया कि केवल कैमरे खरीदने या चेकपोस्ट के प्रस्ताव पारित करने को कार्रवाई नहीं माना जाएगा, बल्कि धरातल पर उपकरण कितने चालू हैं, इसका ब्योरा देना होगा।

केन नदी में अवैध बालू खनन के आंकड़ों में भारी अंतर
सीईसी ने खनन विभाग और वन विभाग के अवैध खनन, परिवहन के आंकड़ों में भारी अंतर पाया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि खनिज शाखा, पन्ना की एक रिपोर्ट में 9 अवैध खनन और 504 अवैध परिवहन के मामलों का निपटारा दिखाया गया है। वहीं दूसरे आंकड़ों में 86 खनन और 653 परिवहन के मामलों का उल्लेख है। सीईसी ने इस भारी अंतर पर डीएम और खनिज अधिकारी को छह सप्ताह के अंदर सही आंकड़े सत्यापित कर सौंपने के निर्देश दिए हैं।

 
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31 स्वीकृत खदानों की होगी जांच
केन नदी क्षेत्र में 187 हेक्टेयर में स्वीकृत 31 बालू खदानों की वास्तविक सीमाओं, जीपीएस मैपिंग और स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन की जांच के लिए एक संयुक्त टीम के गठन के निर्देश दिए गए हैं। इनमें वन, खनिज, राजस्व और जीआईएस विशेषज्ञों की टीम रहेगी जो नदी क्षेत्र में चिह्नित 14 लोकेशन और 31 खदानों का सत्यापन करेगी।

धौलपुर में इंटीग्रेटेड चेकिंग प्रणाली स्थापित करने के निर्देश
सीईसी ने नेशनल हाईवे 44 पर इंटीग्रेटेड वाहन जांच केंद्र और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्थापित करने को कहा है। वहीं चंबल नदी में पर्यावरणीय जल प्रवाह के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल, डॉल्फिन और कछुओं के प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय को केंद्रीय जल आयोग के साथ मिलकर नदी के पानी के बहाव का वैज्ञानिक अध्ययन करने को कहा है।
 
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