करीब 1200 से अधिक कैमरे हैं, इनमें 300 कैमरे खराब हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन व घटना के समय सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पा रहे। चालान भी सीसीटीवी से हो रहे हैं, परंतु जहां कैमरे खराब हैं वहां चालान नहीं हो पा रहे।
आगरा स्मार्ट सिटी में बंद पड़ी तमाम तीसरी आंख के लिए 171 सड़कों की ‘बाईपास सर्जरी’ शुरू हो गई है। 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों में बिजली फॉल्ट हैं। जिन्हें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेल) ठीक कर रही है। इसके लिए उसे सड़क की ‘बाईपास सर्जरी’ करनी पड़ रही है। फुटपाथ से डिवाइडर तक खुदाई और सड़कों को बाईपास कर केबल बिछाया जा रहा है। नगर निगम से इसकी अनुमति भी है। दिसंबर तक कंपनी को सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू करना है।
विज्ञापन
नगर स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में बने कमांड सेंटर से शहर तीसरी आंख की जद में आ गया है। सड़क व चौराहों पर कैमरे लगे हैं, जिनसे कमांड सेंटर में पुलिस नजर रखती है। करीब 1200 से अधिक कैमरे हैं, इनमें 300 कैमरे खराब हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन व घटना के समय सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पा रहे। चालान भी सीसीटीवी से हो रहे हैं, परंतु जहां कैमरे खराब हैं वहां चालान नहीं हो पा रहे। खराब पड़े कैमरों को चालू करने के लिए बेल ने काम शुरू कर दिया है।
रात में चल रहा काम
रात में जब सड़कों पर यातायात का दबाव कम होता है, तब सड़कों को ड्रिल मशीन से 18 इंच गहराई तक खोदा जाता है। डिवाइडर पर खड़े पोल से फुटपाथ तक भूमिगत विद्युत केबल से कैमरों को जोड़ा जा रहा है। बेल कर्मियों के पास 171 सड़कों की सूची है, जहां बाईपास सर्जरी हो रही है। आवास विकास स्थित करकुंज चौराहा, कारगिल चौराहा, मारुति एस्टेट चौराहा, सेक्टर-4 मोड़, माल रोड पर मरम्मत कार्य हो चुका है।
तत्काल होगी मरम्मत
जिलाधिकारी नवनीत चहल ने बताया कि खराब सीसीटीवी कैमरों को चालू कराया जा रहा है। सड़क काटने के बाद तत्काल मरम्मत करनी है। लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।