स्कूलों में बढ़ती घटनाओं को देखकर यूपी बोर्ड भी गंभीर हो गया है। शुक्रवार को गुरुग्राम के प्रद्युम्न मर्डर केस के बाद इस पर और गंभीरता बरती जा रही है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं।
यूपी बोर्ड की ओर से सर्कुलर जारी करके कहा गया है कि मान्यता तभी दी जाएगी जब स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। यूपी बोर्ड ने मथुरा के 37 स्कूलों की मान्यता की फाइल वापस कर दी है।
स्कूलों में खासकर इंटर और डिग्री कालेजों में छात्रों के बीच मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दो दिन पहले साइबर सिटी गुरुग्राम के एक बड़े स्कूल में सात साल के मासूम की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इस स्कूल में भी मानक के अनुसार सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले हैं। पहले भी स्कूलों में इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
शासन से आया ये आदेश
लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर यूपी बोर्ड ने स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए हैं। उत्तरप्रदेश बोर्ड के सचिव ने सभी अशासकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त इंटर कालेजों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर कहा है कि सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। साथ ही कहा है कि अब संस्थाओं को हाईस्कूल और इंटर की मान्यता के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाना अनिवार्य होगा।
स्कूलों में कैमरा लगा है या नहीं इसका स्थलीय निरीक्षण भी कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जनपद के 37 विद्यालयों द्वारा भेजी गईं मान्यता संबंधी फाइलें वापस कर दी हैं। सभी फाइलें जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के माध्यम से भेजी गई थीं।
चेकिंग करेंगी टीम
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे ने बताया कि मान्यता के लिए सीसीटीवी कैमरे होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में सभी स्कूल प्रबंधकों को कह भी दिया गया है। जहां कैमरे नहीं हैं वहां लगवाने को कहा जा रहा है। चेकिंग के लिए टीमों का भी गठन कर दिया गया है।