आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में बेशकीमती जमीन पर कब्जा कराने के लिए जिस परिवार को जेल भेज दिया, उस मामले में सीबीसीआईडी ने अहम सबूत जुटा लिए हैं। अब तक 60 लोगों के इस मामले में बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
आगरा के जगदीशपुरा में बोदला मार्ग पर करोड़ों की भूमि पर कब्जे के प्रकरण में सीबीसीआईडी ने 60 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अभी 40 और लोगों के बयान होने हैं। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार होगी।
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जनवरी में बोदला में चार बीघा जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया था। दो फर्जी मुकदमे लिखे गए थे। एक ही परिवार के लोगों को जेल भेज दिया गया था। बाद में डीजीपी से शिकायत पर जांच हुई थी। तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र सिंह की संलिप्तता की एसआईटी ने जांच की थी।
इसमें सामने आया था कि मुकदमा लिखाने वाली उमा देवी भी फर्जी मालिक बनकर सामने आई थी। फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए थे। जमीन के मालिक रहे टहल सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया था। पुलिस ने उमा देवी, रवि कुशवाह, शंकरिया, धर्मेंद्र वर्मा, मोहित कुशवाह और राजू को जेल भेजा था। मामले में एसआईटी की जांच पूरी होने पर बिल्डर कमल चाैधरी सहित आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।