मैनपुरी/कुरावली। देश की सीमा की रक्षा करते हुए 29 साल पहले शहीद हुए कुरावली क्षेत्र के गांव पहाड़पुर के सैनिक सुरेंद्र सिंह के घर मंगलवार को बीएसएफ के अधिकारी पहुंचे। शहीद की पत्नी को ऑपरेशन कैजुअलटी का प्रमाणपत्र सौंपा।
मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडटेंट बदन सिंह, एएसआई अलीशेर, कांस्टेबल अजीत तोमर, शिवमोहन कुरावली के गांव पहाड़पुर पहुंचे। पहाड़पुर निवासी लांसनायक सुरेंद्र सिंह के परिवार से मिले। बताया कि सुरेंद्र सिंह सीमा सुरक्षा बल में 24 अप्रैल 1985 में भर्ती हुए थे। उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में देशा सेक्टर में तैनात 83वीं बटालियन में हो गई। जहां आतंकियों से लोहा लेते हुए 26 जून 1993 में सुरेंद्र सिंह शहीद हो गए। पत्नी सुदामा देवी तथा पुत्र योगेश का नाम और गांव पहाड़पुर सेना के अभिलेखों में अंकित था। उनकी शहादत के बाद उनका सही पता न मिल पाने के कारण उनके परिजन को वह लाभ नहीं मिल पाया, जिसके वह हकदार थे। सेना के अधिकारियों ने मृतक की पत्नी सुदामा देवी को मंगलवार को ऑपरेशन कैजुअलटी का प्रमाणपत्र दिया।
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सरकार बनवा रही पक्के मकान
महानिदेशालय सीमा सुरक्षाबल भारत के वीरयोजना के लाभ/योजना के तहत बीस वर्षों में शहीदों के आश्रितों के घर के निर्माण करने के लिए सरकार मुफ्त सीमेंट उपलब्ध करा रही है। सीमा सुरक्षा बल के शहीदों जिनकी शहादत एक जनवरी 1999 से एक जनवरी 2019 के बीच हुई है। उनके आश्रितों के लिए एक नया घर जिसके प्लॉट का आकार अधिकतम चार हजार वर्ग फीट होगा के निर्माण के लिए निशुल्क सीमेंट उपलब्ध कराएगी।
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किशनी भी पहुंचे थे अधिकारी
एक नाम के दो गांव होने के कारण सेना के अधिकारी मंगलवार की सुबह किशनी पहुंचे। उन्होंने किशनी थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर पहुंचकर जानकारी जुटाई थी। बाद में कुरावली के गांव पहाड़पुर पहुंचे थे।