किशनपाल शर्मा सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी हैं। उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक की जयपुर हाउस शाखा में है। उन्होंने मुकदमे में लिखा कि 24 फरवरी 2020 को उनका बेटा बीमार हो गया था। वह आईसीयू में भर्ती रहा। नौ मार्च 2020 को उसे जयपुर के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वो 10 अप्रैल तक आईसीयू में रहा। लॉकडाउन होने की वजह से उन्हें तीन जून 2020 तक जयपुर में ही रहना पड़ा।
इसी बीच आठ और नौ मई 2020 को उनके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस मामले की शिकायत उन्होंने बैक अधिकारियों से लेकर पुलिस से भी की। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में गृहमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। रविवार को थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसमें पेटीएम का खाताधारक अशोक और निजी बैंक का खाताधारक सचेन राम को आरोपी बनाया गया है। पुलिस विवेचना कर रही है।
नौकरी का झांसा देकर दस्तावेज पर ले लिया लोन
एत्मादपुर के युवक को साइबर अपराधियों ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी का शिकार बनाया। फोन पर साक्षात्कार के बाद आधार कार्ड सहित अन्य कागजात ले लिए। इसके बाद एक कंपनी से 15 हजार का लोन ले लिया। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है।
एत्मादपुर निवासी धर्मवीर ने एक महीने पहले आनलाइन एक कंपनी का विज्ञापन देखा। इसमें नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया था। इसमेें एक मोबाइल नंबर लिखा था। उन्होंने कॉल कर दिया। धर्मवीर का आनलाइन ही साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद कागजात मांगे गए। नौकरी लगने की कहने की वजह से धर्मवीर ने कागजात व्हाट्सएप पर भेज दिए।
एक सप्ताह पहले उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें ऋण किस्त चुकाने के लिए कहा गया था। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि उनके कागजात पर एक बार पांच तो दूसरी बार दस हजार का लोन लिया गया है। पीड़ित ने थाने में शिकायत की है।