आगरा के स्लोप बिल्डर्स के निदेशक प्रखर गर्ग पर थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि बिल्डर सहित 4 अन्य ने 3 संपत्तियों का साैदा कर 9 करोड़ से अधिक की रकम हड़प ली। मुकदमे में बिल्डर की पत्नी भी नामजद है।
ट्रांसपोर्ट नगर निवासी अरुण साैंधी ने पुलिस उपायुक्त नगर से शिकायत की थी। जांच के बाद मुकदमा दर्ज हुआ। उन्होंने निकट गांधी आश्रम, दयालबाग निवासी प्रखर गर्ग, उनकी पत्नी राखी गर्ग, परशुराम नगर निवासी सतीश गुप्ता, लोहामंडी निवासी सुमित कुमार जैन और लता कुंज निवासी मुकेश कुमार जैन को आरोपी बनाया है।
अरुण साैंधी का बैटरी और सोलर का कारोबार है। उन्होंने बताया कि अप्रैल, 2018 में सेंट्रल बैंक रोड, कमला नगर स्थित ‘जी’ होटल के द्वितीय और तृतीय तल को खरीदने का साैदा आरएम इंफ्रा वैंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रखर गर्ग व अन्य से किया था। उन्हें 2.82 करोड़ रुपये अदा कर दिए। मगर, आरोपियों ने बैनामा नहीं कराया।
इस बारे में कहने पर आरोपी उनकी द्वारिकापुरम स्थित संपत्ति के भूतल और तृतीय तल को खरीदने की बात करने लगे। इस पर 1.56 करोड़ रुपये में साैदा कर दिया। 3 अगस्त, 2019 को एसआर इंफ्रा रेंटल्स प्राइवेट लिमिटेड के हक में रजिस्ट्री भी कर दी। उन्हें जो चेक दिए थे, वो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए।
होटल की रजिस्ट्री का दिया आश्वासन
बाद में सभी लोग रकम देने और ‘जी’ होटल की रजिस्ट्री करने का आश्वासन देने लगे। इसके अलावा वर्ष 2020 में कुतलूपुर स्थित एक संपत्ति का साैदा स्लोप बिल्डर्स के निदेशक प्रखर गर्ग से किया। मगर, आरोपियों ने धोखाधड़ी की। प्रथम तल का सौंदर्यीकरण नहीं कराया। इसके साथ तय हुए प्रतिमाह 4.50 लाख रुपये किराये के भी अदा नहीं किए। 48 माह तक कोई रकम नहीं दी। 2.66 करोड़ रुपये हड़प लिए।
साक्ष्य जुटाए जा रहे
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय का कहना है कि प्रखर गर्ग सहित अन्य पर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।