मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद आगरा में आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने आठ झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने संबंधित थानों में इनके खिलाफ धारा 420 और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 15(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। जल्द इनकी गिरफ्तारी होगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने 14 चिकित्सकीय संस्थानों पर छापे मारे थे। इनमें से 10 चिकित्सकीय संस्थान स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत नहीं थे। नर्सिंग स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं था, मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिला।
मरीजों की इलाज वाली फाइल में डाक्टर का नाम नहीं था। उनका इलाज और आपरेशन झोलाछापों ने किया। ऐसे में इनके हास्पिटल को सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग इन झोलाछापों पर एफआईआर नहीं करा रहा था। समाजसेवी नरेश पारस ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को आठ झोलाछापों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
अपंजीकृत हॉस्पिटल सेल के नोडल प्रभारी डा. अजय कपूर ने कहा कि आठ झोलाछापों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। इनके संस्थान पहले से ही सील किए जा चुके हैं। इनको गिरफ्तारी का जिम्मा अब पुलिस पर है।
सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बताया कि हॉस्पिटल समेत चिकित्सकीय संस्थानों की जांच नियमित चलती रहेगी। बिना पंजीकरण और डिग्री के इलाज करने वालों के संस्थान मौके पर ही सील किए जाएंगे।
सीएमओ को देगी चिकित्सकों की सूची
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जिले के चिकित्सकों की सूची तैयार कर रही है। इसमें उनका नाम, पता, किस वर्ष चिकित्सकीय डिग्री प्राप्त की, कौन सा कालेज रहा, एमसीआई में पंजीकरण संख्या समेत उनकी ईमेल आईडी रहेगी।
ये सूची आईएमए कार्यालय तोता के ताल पर चस्पा की जाएगी। इसके साथ ही सीएमओ को भी भेजी जाएगी। इससे विभाग के पास चिकित्सकों का पूरा डेटा रहेगा।
इनके खिलाफ कराया मुकदमा
श्वेता अग्रवाल, अर्श हॉस्पिटल नेहरू नगर भगवान टाकीज
बालकिशन चौधरी, दिव्यांशी हॉस्पिटल बोदला-सिकंदरा रोड
प्रताप सिंह, अनमोल हॉस्पिटल यमुनापार मंडी समिति रामबाग
मुकेश कुमार, ओम शांति पैथोलॉजी लैब फतेहाबाद
रविकांत, नारायण हास्पिटल, फतेहाबाद
विपिन जादौन, लक्ष्मी-गणेश, गणेश हॉस्पिटल 100 फुटा रोड कालिंदी विहार
अनामिका शर्मा, एपीएस हास्पिटल और तनीषा पैथोलॉजी लैब, रोहता नहर ग्वालियर रोड
उदय कुमार, लाइफ लाइन हेल्थ सेंटर और फिजियोथेरेपी सेंटर, सुरक्षा विहार, सेवला