मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जांच में असुरक्षित दर्जे के नमूने मिलने पर जिले के 15 खाद्य विक्रेताओं के विरूद्ध सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया है। न्यायालय से दोषियों के विरुद्घ सुनवाई कर कार्रवाई की मांग की गई है।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम के न्यायालय में सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य कारोबार संचालित करने वाले 15 लोगों के विरुद्घ मुकदमा दायर किया है। न्यायालय को बताया गया है कि राजेंद्र सिंह निवासी आवास विकास के खोवा में अन्य वसा की मिलावट पाई गई। पवन कुमार निवासी सुंदरपुर औंछा के रंगीन वर्फी के नमूने में रंग की मिलावट पाई गई। आरटीसी इंटरप्राइजेज आगरा रोड के मूंगफली दाना में फंगस पाया गया। जन वेद निवासी बल्लमपुर औंछा के दूध के नमूने में ग्लूकोज की मिलावट पाई गई। बृजपाल निवासी नगला ताल बेवर के यहां सेंवीटोन सिरप में अखाद्य रंग की मिलावट पाई गई।
अजय कुमार गुप्ता निवासी गाड़ी वान के राइस ब्रान ऑयल में अखाद्य रंग व सडन पाई गई। उमेेेश चंद्र निवासी मोहल्ला अग्रवाल की आंचल नमकीन में अखाद्य रंग की मिलावट पाई गई। राज बहादुर निवासी आवास विकास के बूंदी के लड्डू में अखाद्य रंग की मिलावट पाई गई। मां लक्ष्मी पैडी प्रोडक्टस के मूंगफली दाना में फंगस पाया गया। सुरेंद्र निवासी एक्सप्रेस वे के यहां महक नमकीन में अखाद्य रंग पाया गया। अभिषेक अग्रवाल निवासी करहल रोड के यहां बेसन में जीवित सुडी पाई गई। सचिन जैन निवासी कौआ टोला कुरावली के यहां सॉस में अखाद्य रंग की मिलावट पाई गई और सहजाद निवासी बिलहरी कटिया बदायूं की आइस कैंडी में अखाद्य रंग की मिलावट जांच के दौरान पाई गई है।