मैनपुरी। बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की बिक्री और मिलावट करने पर 12 विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पूर्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के निरीक्षण के दौरान बिना लाइसेंस के कारोबार करते हुए विक्रेता मिले। टीम ने अन्य दुकानों से नमूने भी लेकर भेजा थे, जो जांच में फेल हो गए। अब शासन की स्वीकृति के बाद 12 विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।
बीते दिनों में बिना लाइसेंस कारोबार करते मिले तीन लोगों के विरुद्ध एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। नौ विक्रेताओं के विरुद्ध खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों की मिलावट करने के लिए मुकदमा दायर किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने संदेह के आधार पर नमूनों की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में ये नमूने हानिकारक पाए गए थे।
पांच लाख जुर्माने प्रावधान
सहायक आयुक्त द्वितीय खाद्य डॉ. टीआर रावत ने बताया कि हानिकारक पाए जाने वाले नमूनों के मामले में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना या छह माह की सजा या दोनों हो सकती है।
यह मिले बिना लाइसेंस
-हरवेंद्र सिंह, चांदेश्वर रोड, आइसक्रीम फैक्टरी
-अजय कमार गुप्ता, गाड़ीवान, ऑयल मिल
-गौरव मिश्रा, दीवानी रोड, कोल्ड्रिंक की बिक्री
इन्होंने की मिलावट
-रोहित जैन, यादव मार्केट, मैनपुरी,रथ वनस्पति में सडन।
-रवींद्र सिंह, मैनपुरी, कचरी में अखाद्य रंग की मिलावट।
-आनंद कश्यप, देवामई, कुकिंग ऑयल में सडन।
-अरविंद सिंह चौहान, सिमरई, सरसों के तेल में कलर।
-जैनुल अली, बेवर, फ्रूजाइम सीरफ में सिंथेटिक कलर।
-विकास गुप्ता, कुरावली, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल में सडन।
-नसीर, मोहल्ला गड्ढा भोगांव, सॉस में सिंथेटिक कलर ।
-आसिफ, करियानीम भोगांव, मल्टीविटामिन सीरप में कलर।
-अफरोज, ताल दरवाजा मैनपुरी, कचरी में रंग की मिलावट।
बिना लाइसेंस कारोबार और मिलावट करने पर 12 विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दायर किया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ये कार्रवाई की गई है। अब एसीजेएम न्यायालय में मामले की सुनवाई होगी।
-डॉ. टीआर रावत, सहायक आयुक्त द्वितीय (खाद्य)