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आगरा में एचडीएफसी बैंक के एमडी सहित 16 अधिकारियों पर गबन का मुकदमा

Wed, 19 Aug 2020 01:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • पुष्पांजलि ग्रुप के निदेशक ने कोर्ट में दिया था प्रार्थनापत्र, बचत खाते से धोखाधड़ी करके निकाले थे 98.70 लाख रुपये 
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एचडीएफसी बैंक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में एचडीएफसी बैंक के एमडी आदित्यपुरी सहित बैंक के 16 अधिकारियों के खिलाफ थाना हरीपर्वत में गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुष्पांजलि ग्रुप के निदेशक मयंक अग्रवाल ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके बचत खाते से धोखाधड़ी करके 98.70 लाख रुपये निकाले गए थे। 

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यह खाता आयकर ने होल्ड करा रखा था। पुलिस ने मामला खोला था। बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से रकम निकली थी। कर्मचारियों को पुलिस ने जेल भेजा था। खाते से निकली रकम अब तक ब्याज सहित वापस नहीं की गई है। 


यह था मामला 

थाना जगदीशपुरा के प्रभु नगर निवासी मयंक अग्रवाल ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इसके बाद थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि उनके एचडीएफसी बैंक के बचत खाते में 17 जनवरी 2018 को एक करोड़ से अधिक रुपये जमा थे। 

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दो फरवरी 2018 को खाते का बैलेंस चेक किया। खाते में 199574 रुपये शेष थे। 98.70 लाख रुपये फर्जीवाड़ा करके खाते से निकाल लिए गए थे। इस मामले में धर्मेंद्र का नाम सामने आया था। 

यह खाता आयकर विभाग ने होल्ड करा रखा था। इसलिए बिना आयकर के आदेश के रकम नहीं निकाल सकता था। बैंक में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस पर थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया था। तब तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने जांच के आदेश दिए थे। 

पकड़ा था बैंक कर्मचारी 

पुलिस ने जांच के बाद धर्मेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, शुभम अग्रवाल, पूनम देवी, दिनेश को गिरफ्तार किया था। इनमें एक बैंक कर्मचारी भी था। उनके खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। मयंक अग्रवाल ने मुकदमे में आरोप लगाया कि गिरफ्तार आरोपियों से 58.20 लाख रुपये, चेन, तीन मॉनीटर, तीन सीपीयू, एक लैपटॉप बरामद किए। यह पुलिस ने जब्त किए थे। 

बैंक में कहने के बावजूद इस माल को कोर्ट से अवमुक्त नहीं कराया गया है। बैंक कर्मचारियों की मदद से घटना को अंजाम दिया गया। रकम लौटाने के लिए बैंक से कई बार पत्राचार किया, लेकिन बैंक ने ध्यान नहीं दिया। इसके लिए पूर्ण रूप से निदेशक और अन्य अधिकारी जिम्मेदार हैं। 

पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस पर बैंक को नोटिस भेजे गए। मगर, बैंक ने कोई ध्यान नहीं दिया। मयंक की ओर से कहा गया है कि उन्होंने बैंक पर विश्वास करते हुए रकम जमा कराई थी। धोखाधड़ी करके निकाली गई रकम को वापस करने की जिम्मेदारी बैंक अधिकारियों की है। 
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यह हैं नामजद 

एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्यपुरी निवासी मुंबई, एडीशनल डायरेक्टर भावेश सी जावेरी आगरा, कंपनी सेक्रेटरी संतोष जी हलदनकर निवासी मुंबई, एडीशनल डायरेक्टर संजीव संचार निवासी गुरुग्राम, डायरेक्टर श्यामला गोपीनाथ निवासी मुंबई, होलटाइम डायरेक्टर कैजाद मानेक भरुचा निवासी मुंबई, डायरेक्टर श्रीकांत नधामुनी निवासी आगरा, एडीशनल डायरेक्टर संदीप प्रवीन पारीख निवासी मुंबई, डायरेक्टर मलय योगेंद्र पटेल निवासी अहमदाबाद, एडीशनल डायरेक्टर द्वारिकानाथ रंगनाथ मविनाकेरे, शशिधर जगदीशन, सीएफओ केएमपी श्रीनिवासन बैधनाथन, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, वर्तमान शाखा प्रबंधक, बैंक सेनापति, उमेश चंद्र सारंगी नामजद हैं।
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