चुनाव से ऐन पहले बसपा के हाथी से कई नेताओं के उतरने के बीच पार्टी ने कई प्रत्याशियों को बदला है तो वहीं अब संगठन में भी बदलाव शुरू कर दिए हैं। आगरा-अलीगढ़ जोन के कोआर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ को हटाकर पूर्व एमएलसी रामकुमार कुरील को जिम्मेदारी दी गई है तो अलीगढ़ में चौ. महेंद्र सिंह को कोआर्डिनेटर बनाया गया है। बसपा सूत्रों के मुताबिक, आगरा-अलीगढ़ जोन के कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ अब केवल आगरा जोन के ही कोआर्डिनेटर होंगे।
आगरा-अलीगढ़ जोन में बदलाव काफी तेजी से और जल्दी किए जा रहे हैं। आगरा जोन के कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ से अलीगढ़ की जिम्मेदारी वापस लेते हुए महेंद्र सिंह को अलीगढ़ का नया कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इससे पहले राम कुमार कुरील को आगरा-अलीगढ़ जोन का कोआर्डिनेटर पहले ही तय कर दिया गया था। कुरील के आने के बाद बसपा के आगरा-अलीगढ़ जोन में तय प्रत्याशियों में से चार से पांच सीटों में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। आगरा में उत्तर, फतेहाबाद और बाह सीटों पर बदलाव की चर्चाएं तेज हैं।
चार नेताओं के और घट सकते हैं कद
बसपा अध्यक्ष मायावती के पीएसओ रहे आगरा निवासी पद्म सिंह भाजपा में शामिल क्या हुए, बसपा के स्थानीय संगठन में नेतृत्व ने फेरबदल कर दिया। नगला छऊआ निवासी पद्म सिंह का स्थानीय नेताओं पर काफी प्रभाव रहा है। पद्म सिंह के रास्ते बसपा अध्यक्ष की नजरों में चढ़े ऐसे चार नेताओं का कद घटना तय माना जा रहा है।
चित्तौड़ की पसंद के चार प्रत्याशी बदले
आगरा। जोनल कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ पर पहले अशोक सिद्धार्थ भारी पड़े तो बाद में राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी। चित्तौड़ की पसंद के आगरा-अलीगढ़ जोन के चार प्रत्याशियों को पहले ही बदला जा चुका है और सात पर तलवार लटकी है। आगरा में दक्षिण सीट पर उनके पसंदीदा बरकत अली को हटाकर सिद्दीकी की पैरोकारी पर पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो को टिकट थमाया गया है। आगरा दक्षिण की तरह ही जोन में जलेसर, पटियाली, खैर के प्रत्याशियों को भी बसपा बदल चुकी है। प्रत्याशियों में बदलाव से जोन कोआर्डिनेटर और स्थानीय संगठन को जोर का झटका लगा है।